ट्रंप ने फिर दोहराया अपना दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो गए थे और परमाणु संघर्ष की आशंका तक पैदा हो गई थी। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की ओर से कड़ी टैरिफ चेतावनी दिए जाने के बाद दोनों देशों ने तनाव कम करने का फैसला लिया। उनका कहना है कि यदि उस समय आर्थिक दबाव नहीं बनाया जाता, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
भारत ने दावे को बताया निराधार
ट्रंप के बयान पर भारत सरकार ने स्पष्ट रूप से असहमति जताई है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने या तनाव कम करने में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। भारतीय पक्ष लगातार यह दोहराता रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले पूरी तरह भारत के अपने रणनीतिक और सैन्य आकलन के आधार पर लिए जाते हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी प्रकार की मध्यस्थता स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर और क्यों हो रही है चर्चा?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर लक्षित सैन्य कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। अब ट्रंप इसी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए अपनी कूटनीतिक भूमिका का दावा कर रहे हैं, जबकि भारत इस दावे को पूरी तरह खारिज कर चुका है।
वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी ट्रंप की चिंता
भारत-पाकिस्तान तनाव पर बयान देने के साथ ही ट्रंप ने अमेरिका की मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि विभिन्न वैश्विक संघर्षों के कारण अमेरिकी रक्षा संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, लंबी अवधि के सैन्य अभियानों में मिसाइल रक्षा प्रणाली का लगातार उपयोग होने से अमेरिका अपनी रणनीति की समीक्षा कर रहा है। ऐसे में आने वाले समय में रक्षा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नई रणनीति पर जोर दिया जा सकता है।










