BRICS Cultural Summit 2026: भोपाल पूरी तरह तैयार, विदेशी मेहमानों के स्वागत में शहर सजा, 5 अगस्त से 4 दिवसीय सांस्कृतिक सम्मेलन का होगा आगाज़

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अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से पहले भोपाल को दिया जा रहा नया स्वरूप

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 5 अगस्त से शुरू होने वाले ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए शहर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। राजधानी की प्रमुख सड़कों, चौराहों और सम्मेलन स्थल तक जाने वाले मार्गों को आकर्षक बनाने का काम तेज गति से जारी है। विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत को ध्यान में रखते हुए शहर को ग्लोबल स्तर के आयोजनों की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, ताकि मेहमानों को भोपाल की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक व्यवस्थाओं की बेहतरीन झलक मिल सके।

VIP रोड, भोज सेतु और सम्मेलन स्थल पर विशेष सजावट

सम्मेलन के मद्देनज़र वीआईपी रोड, भोज सेतु, एयरपोर्ट रोड, गांधी नगर, पॉलीटेक्निक चौराहा और पंडित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर तक के पूरे मार्ग को आकर्षक रूप दिया जा रहा है। डिवाइडरों की रंगाई-पुताई, दीवारों पर कलात्मक पेंटिंग और मध्य प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन एवं विरासत को दर्शाने वाली कलाकृतियां तैयार की जा रही हैं। भोज सेतु के दोनों ओर बनाई जा रही पेंटिंग्स प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को प्रदर्शित करेंगी, जिससे विदेशी मेहमानों को मध्य प्रदेश की समृद्ध परंपरा से परिचित कराया जा सके।

कई देशों के प्रतिनिधि और कलाकार होंगे शामिल

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ-साथ कई अन्य मित्र देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेंगे। ब्राजील, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), दक्षिण अफ्रीका, क्यूबा, थाईलैंड और बेलारूस सहित कई देशों के प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करना और कला, विरासत तथा परंपराओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।

लोक संस्कृति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का होगा भव्य आयोजन

सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे। लोक नृत्य, संगीत, मार्शल आर्ट, ऑर्केस्ट्रा, फोक म्यूजिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिभागी अपने-अपने देश की सांस्कृतिक पहचान दुनिया के सामने पेश करेंगे। आयोजन में भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ ब्रिक्स देशों की विविध परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा, जिससे यह सम्मेलन केवल राजनयिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद खास बनने जा रहा है।

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