2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को खेल, कौशल विकास, सामाजिक गतिविधियों और सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी भागीदारी बढ़ाना है। इसके लिए पहली बार सरकारी स्तर पर पूरे प्रदेश में यूथ क्लब स्थापित किए जाएंगे, जहां 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को विभिन्न रचनात्मक और विकासात्मक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।
गांव-गांव बनेंगे यूथ क्लब, युवाओं को मिलेगा नया मंच
सरकार की योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी यूथ क्लब बनाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवा खेलकूद, स्वयंसेवा, सामुदायिक कार्य और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले सकें। इन क्लबों के माध्यम से युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा। साथ ही युवाओं का पंजीयन ‘मेरा युवा भारत’ पोर्टल पर भी कराया जाएगा, जिससे उन्हें विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों का लाभ मिल सके।
बजट और नीतियों में युवाओं की होगी भागीदारी
राज्य सरकार आगामी बजट तैयार करने से पहले युवाओं से सीधे सुझाव लेने की योजना बना रही है। इसके लिए कॉलेजों और अन्य संस्थानों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां छात्र-छात्राएं अपनी राय और सुझाव साझा कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि युवाओं की भागीदारी से उनकी जरूरतों के अनुरूप योजनाएं और नीतियां तैयार करने में मदद मिलेगी।
सरकारी भर्ती और परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव की तैयारी
प्रदेश सरकार आने वाले समय में बड़ी संख्या में सरकारी पदों पर भर्ती की तैयारी कर रही है। इसके लिए विभागवार भर्ती कैलेंडर तैयार किया जा रहा है ताकि नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। साथ ही भर्ती परीक्षाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने पर समान प्रकृति के पदों के लिए अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी और एक ही परीक्षा के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जा सकेगी। इससे भर्ती प्रक्रिया तेज होने के साथ युवाओं का समय और संसाधन भी बचेंगे।










