ग्वालियर के TACDE से निकलीं देश की पहली महिला ‘टॉप गन’, स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने पूरा किया फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स; वायुसेना में रचा नया इतिहास

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ग्वालियर। भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) का प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं, जिन्हें ‘टॉप गन’ की प्रतिष्ठित पहचान मिली है। सैन्य क्षेत्र में इसे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उन्नत युद्धक प्रशिक्षण में उनकी भूमिका के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है।

देश के चुनिंदा फाइटर पायलटों को मिलता है यह प्रशिक्षण

ग्वालियर का TACDE भारतीय वायुसेना के सबसे महत्वपूर्ण फाइटर टैक्टिक्स प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां चुने हुए अनुभवी फाइटर पायलटों को हवाई युद्ध की उन्नत रणनीति, मिशन प्लानिंग, ऑपरेशनल टैक्टिक्स और नेतृत्व से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। कोर्स पूरा करने वाले पायलट आगे अपने स्क्वाड्रन में मिशन की रणनीति बनाने और अन्य पायलटों को प्रशिक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

‘टॉप गन’ वायुसेना में कोई आधिकारिक रैंक या पद नहीं है। यह नाम फाइटर कॉम्बैट लीडर जैसे बेहद कठिन और चुनिंदा प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले पायलटों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भावना कंठ की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस स्तर का प्रशिक्षण पूरा करने वाली वह पहली महिला फाइटर पायलट बनी हैं।

पहली महिला फाइटर पायलटों के ऐतिहासिक बैच का हिस्सा थीं भावना कंठ

भावना कंठ मूल रूप से बिहार के दरभंगा की रहने वाली हैं और वर्ष 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल होने वाले शुरुआती महिला फाइटर पायलट बैच का हिस्सा रही थीं। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने मिग-21 बाइसन के साथ उड़ान भरी और बाद में सुखोई-30 एमकेआई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भी उड़ाए।

मार्च 2020 में उन्हें दिन के समय युद्ध अभियानों के लिए पूरी तरह ऑपरेशनल घोषित किया गया था। इसके बाद उन्होंने अपने प्रशिक्षण और परिचालन अनुभव को आगे बढ़ाते हुए फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स की चुनौती को पूरा किया।

करीब 20 महीने की कठिन ट्रेनिंग के बाद मिली उपलब्धि

फाइटर कॉम्बैट लीडर बनने की प्रक्रिया आसान नहीं रही। भावना कंठ ने करीब 20 महीने के कठिन प्रशिक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल की। इस दौरान फाइटर ऑपरेशंस, रणनीतिक सोच, मिशन नेतृत्व और हवाई युद्ध से जुड़ी उन्नत क्षमताओं पर विशेष जोर दिया गया।

उनकी सफलता को भारतीय सैन्य सेवाओं में महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि महिला अधिकारी अब केवल फाइटर पायलट के रूप में ही नहीं, बल्कि उच्च स्तर की युद्धक रणनीति और नेतृत्व वाली जिम्मेदारियों में भी अपनी जगह बना रही हैं।

भावना कंठ की यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बदलती भूमिका का एक और उदाहरण है। TACDE से फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स पूरा कर उन्होंने अपने नाम एक ऐसी उपलब्धि दर्ज की है, जो आने वाले समय में सैन्य क्षेत्र में महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

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