भोपाल। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे भोपालवासियों को सोमवार को हुई तेज बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन कुछ ही घंटों में शहर के कई हिस्सों की तस्वीर बदल गई। लगातार हुई बारिश के कारण पुराने भोपाल से लेकर नए विकसित इलाकों और निचली बस्तियों तक कई जगह पानी जमा हो गया। सड़कों पर जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
24 घंटे में 175 मिमी से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल में 24 घंटे के दौरान 175.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसे पिछले कुछ वर्षों में एक दिन के दौरान हुई सबसे अधिक बारिश में शामिल किया जा रहा है। 1 जून से अब तक राजधानी में करीब 748.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हो चुकी है। तेज बारिश का असर शहर के कई निचले क्षेत्रों में देखने को मिला, जहां पानी निकलने में काफी समय लगा।
बारिश के कारण भोपाल के अपर लेक का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा। सोमवार शाम तक जलस्तर करीब 1661.5 फीट पहुंच गया, जो पहले के मुकाबले लगभग डेढ़ फीट अधिक रहा। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है।
ईंटखेड़ी में बिगड़े हालात, पुलिस थाने में भी घुसा पानी
भोपाल के ईंटखेड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद स्थिति काफी खराब हो गई। इलाके की कई सड़कों और घरों के आसपास पानी जमा हो गया। जलभराव का असर स्थानीय पुलिस थाने तक पहुंच गया, जहां परिसर में पानी भरने से सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। पुलिसकर्मियों को जरूरी दस्तावेज और सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना पड़ा।
शहर के दूसरे हिस्सों में भी कई कॉलोनियों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की शिकायत सामने आई। बारिश के दौरान ड्रेनेज व्यवस्था की क्षमता कम पड़ती दिखाई दी, जिससे लोगों को काफी देर तक जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल तेज बारिश के दौरान कुछ इलाकों में ऐसी स्थिति बनती है और इसका स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर
भोपाल के अलावा मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी तेज बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। नदियों, नालों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राजगढ़ के खिलचीपुर क्षेत्र में बाढ़ के पानी में फंसे पांच लोगों को NDRF की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला।
मंडला में जलभराव के चलते कई परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। वहीं विदिशा जिले के पथरिया गांव में पानी के बीच फंसे लोगों और मवेशियों को भी रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
अगले दो दिन भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। अगले 48 घंटे के दौरान भी कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बारिश को किसानों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से पर्याप्त वर्षा का इंतजार किया जा रहा था। हालांकि, शहरों में बार-बार होने वाला जलभराव एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। भोपाल में हुई इस बारिश ने एक बार फिर संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए बेहतर ड्रेनेज, जल निकासी और शहरी बुनियादी ढांचे पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।










