भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सम्मान और प्रदेश में जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं के लिए दिए जाने वाले रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी पुरस्कार की राशि बढ़ाने का निर्णय भी शामिल है। इसके अलावा स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई है।
महिलाओं के सम्मान में सरकार ने बढ़ाई पुरस्कार राशि
मध्य प्रदेश में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद समाज के लिए उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिए जाने वाले वीरांगना रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी पुरस्कार की राशि अब बढ़ा दी गई है। पहले इन पुरस्कारों के तहत 1 लाख रुपये की राशि दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है। यह सम्मान उन महिलाओं के योगदान को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद सामाजिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
मुश्किल हालात में मिसाल कायम करने वाली महिलाओं को मिलेगा लाभ
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य ऐसी महिलाओं के प्रयासों को पहचान देना है, जिन्होंने व्यक्तिगत और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए समाज के लिए काम किया है। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, आर्थिक परेशानी, घरेलू हिंसा, दहेज जैसी परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए समाजसेवा या अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को इन पुरस्कारों के माध्यम से सम्मानित किया जाता है। पुरस्कार राशि दोगुनी किए जाने से इस सम्मान का महत्व और बढ़ने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 44 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बड़ा वित्तीय निर्णय लिया गया। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए कुल 44,515.13 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत योजना के लिए 12,123.81 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। सरकार के मुताबिक, इस राशि का उपयोग आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और विभिन्न योजनाओं के संचालन में किया जाएगा।
कृषि शिक्षा और संस्थानों के लिए भी बड़ा प्रावधान
कैबिनेट ने कृषि शिक्षा से जुड़े संस्थानों के लिए भी राशि मंजूर की है। जबलपुर स्थित जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 11 कृषि महाविद्यालयों के संचालन के लिए ब्लॉक ग्रांट योजना के तहत 795.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे इन संस्थानों के प्रशासनिक और शैक्षणिक संचालन को वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।
सरकार के फैसलों में महिला सम्मान से लेकर विकास तक पर जोर
कैबिनेट के इन निर्णयों से साफ है कि सरकार ने महिला सम्मान के साथ-साथ स्वास्थ्य और कृषि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया है। एक ओर पुरस्कार राशि बढ़ाकर सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि शिक्षा के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। इन फैसलों का असर आने वाले समय में प्रदेश की विभिन्न योजनाओं और संस्थानों के कामकाज पर देखने को मिल सकता है।










