जबलपुर। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में लंबित अपराधों, साइबर ठगी से जुड़ी शिकायतों, सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और ई-जीरो एफआईआर सहित विभिन्न मामलों की प्रगति की जानकारी ली गई। एसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और गंभीर मामलों में जांच की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।
साइबर अपराध की शिकायतों पर तुरंत हो कार्रवाई
बैठक में साइबर अपराधों को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई। एसपी ने साइबर फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों की थाना स्तर पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की शिकायत सामने आने के बाद शुरुआती स्तर पर तेजी से कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ित को समय पर सहायता मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें और मामलों की नियमित निगरानी भी की जाए।
ई-जीरो FIR और शिकायतों के निपटारे पर फोकस
समीक्षा बैठक में ई-जीरो एफआईआर के लंबित मामलों की भी जानकारी ली गई। एसपी ने अधिकारियों से कहा कि पोर्टल पर दर्ज ऐसी एफआईआर को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनकी जांच एवं निराकरण जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान करने के निर्देश दिए गए।
गंभीर अपराधों की जांच जल्द पूरी करने के निर्देश
बैठक के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, महिला संबंधी अपराध, संपत्ति से जुड़े मामलों और एससी-एसटी एक्ट से संबंधित प्रकरणों की जांच की स्थिति भी देखी गई। एसपी ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने स्तर पर लंबित जांचों की नियमित समीक्षा करने और जरूरी कार्रवाई जल्द पूरी करने को कहा। उन्होंने अन्य राज्यों से प्राप्त ऑनलाइन नोटिसों का सत्यापन कर संबंधित थानों के माध्यम से उनकी तामीली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधिकारियों से लगातार मॉनिटरिंग पर जोर
एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूर्व में अपराध समीक्षा बैठकों के दौरान दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की लगातार निगरानी की जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि गंभीर अपराधों और आम लोगों से जुड़ी शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्रवाई की गति बढ़ाने और शिकायतों के प्रभावी निराकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।










