भोपाल। राजधानी में आवारा श्वानों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों से बच्चों और आम लोगों पर श्वानों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। करोंद में बच्ची पर हमले के बाद अब हाउसिंग बोर्ड कपिला नगर फेस-2 में एक बच्ची को श्वान ने काट लिया। लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और नगर निगम की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक के बाद एक सामने आ रही घटनाएं
जानकारी के अनुसार, जोन-17 के कई इलाकों में बड़ी संख्या में आवारा श्वान घूम रहे हैं। कुछ दिन पहले वार्ड-78 के करोंद स्थित रसूलिया रोड पर एक बच्ची पर श्वान ने हमला कर दिया था। बच्ची के परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन श्वान ने उसके हाथ को बुरी तरह पकड़ लिया, जिससे बच्ची घायल हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी बच्चों को श्वानों के हमले का सामना करना पड़ा है।
अब कपिला नगर फेस-2 में भी ऐसी ही घटना सामने आई है। यहां एक बच्ची को श्वान ने पैर में काट लिया। घटना के बाद इलाके के लोगों में चिंता बढ़ गई है। रहवासियों का कहना है कि आसपास कई आवारा श्वान लगातार घूमते रहते हैं और बच्चों के पीछे दौड़ने के साथ उन पर झपटने की घटनाएं भी होती रहती हैं।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित
कपिला नगर के लोगों के मुताबिक, आवारा श्वानों की संख्या अधिक होने के कारण बच्चों का अकेले बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और शाम के समय खेलने वाले बच्चों को लेकर माता-पिता विशेष रूप से चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या सिर्फ एक-दो श्वानों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई स्थानों पर झुंड में श्वान दिखाई देते हैं।
नर्मदापुरम मार्ग के पास दानिश नगर और कुंजन नगर कॉलोनी में भी वैष्णव धाम मंदिर तथा एक निजी किंडरगार्डन स्कूल के आसपास आवारा श्वानों के जमावड़े की शिकायतें सामने आई हैं। इन स्थानों पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग और छोटे बच्चे आते-जाते हैं, इसलिए रहवासियों को किसी गंभीर घटना की आशंका बनी रहती है।
नसबंदी और टीकाकरण पर उठ रहे सवाल
आवारा श्वानों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी, टीकाकरण और अन्य उपाय किए जाने की बात कही जाती है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी स्थानीय निकायों को लोगों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आक्रामक या रेबीज से संक्रमित श्वानों को लेकर भी जरूरी कार्रवाई करने की बात कही गई है।
इसके बावजूद राजधानी के कई इलाकों में लगातार हमले होने से नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। रहवासियों की मांग है कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां आवारा श्वानों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
निगम अधिकारियों से नहीं मिल सका जवाब
करोंद में हुई घटना के बाद नगर निगम की कार्रवाई और शिकायतों को लेकर अधिकारियों का पक्ष जानने का प्रयास किया गया। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और उपायुक्त हीरेंद्र कुशवाह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का अपेक्षित समाधान नहीं हो रहा है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद अब रहवासी चाहते हैं कि नगर निगम संवेदनशील इलाकों में विशेष अभियान चलाए और आवारा श्वानों की समस्या को लेकर ठोस व्यवस्था बनाए, ताकि बच्चों और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।










