इंदौर-भोपाल-रतलाम बना जांच एजेंसियों के रडार पर
मध्य प्रदेश में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने पिछले करीब एक महीने में प्रदेश में नशीले पदार्थों से जुड़े पांच बड़े मामलों का खुलासा किया है। 12 जुलाई से 12 अगस्त के बीच हुई इन कार्रवाइयों में भोपाल के तीन, रतलाम के एक और इंदौर के एक मामले शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान छह से अधिक विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बरामद नशीले पदार्थों में मेथाएमफेटामाइन, एमफेटामाइन और एक मामले में हेरोइन शामिल रही।
किराए की जगहों पर ड्रग तैयार करने की आशंका
जांच एजेंसियों को संदेह है कि अंतरराष्ट्रीय गिरोह मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों में किराए की जगहों का इस्तेमाल कर सिंथेटिक ड्रग तैयार कराने की कोशिश कर रहे हैं। शुरुआती जांच में मालवा-निमाड़ क्षेत्र के अलावा आसपास के छोटे शहर भी इस नेटवर्क की गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। तैयार किए गए नशीले पदार्थों को देश के बड़े महानगरों के अलावा दूसरे देशों तक पहुंचाने की संभावना की भी जांच की जा रही है।
यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश में ड्रग निर्माण से जुड़े बड़े मामले सामने आए हैं। इससे पहले इंदौर में फेंटानिल तैयार करने वाली एक फैक्ट्री का पता चला था। इसके अलावा मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र और मंदसौर के सीतामऊ में मेफेड्रोन यानी एमडी तैयार किए जाने के मामले भी सामने आ चुके हैं। इंदौर के एक मामले में मैक्सिको के नागरिक की कथित भूमिका की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई थी।
सात विदेशी नागरिकों पर जांच का दायरा बढ़ा
जुलाई और अगस्त में हुई कार्रवाई में छह नाइजीरियाई और एक युगांडा के नागरिक के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक कुछ आरोपितों के पास भारत में रहने से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ के दौरान कुछ लोगों ने अपने पासपोर्ट और वीजा नष्ट करने की बात भी कही है। इसी वजह से जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोगों का संपर्क किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से था या नहीं। नेटवर्क की संभावित कड़ियों की तलाश में दिल्ली में भी कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
मई से अब तक 690 किलो से ज्यादा नशीला पदार्थ जब्त
DRI इंदौर जोनल यूनिट के अनुसार नशामुक्त भारत अभियान के तहत मई से अब तक देशभर में 690 किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इनमें 18.237 किलो मेथाएमफेटामाइन, 7.1 किलो हेरोइन, 33.31 किलो हाइड्रोफोनिक वीड, 420 किलो गांजा, 80 ग्राम कोकीन और 212 किलो डोडा चूरा शामिल बताया गया है। जब्त किए गए इन पदार्थों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई गई है।
हाइड्रोफोनिक वीड भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती
सिंथेटिक ड्रग्स के साथ हाइड्रोफोनिक वीड की तस्करी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनती जा रही है। हाइड्रोफोनिक तकनीक में पौधों को मिट्टी के बजाय दूसरे माध्यमों में उगाया जाता है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह तैयार किए जाने वाले गांजे की तस्करी के मामले दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के एयरपोर्ट पर भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी कीमत करीब 35 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब मध्य प्रदेश से जुड़े मामलों में यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नशीले पदार्थों की सप्लाई का नेटवर्क कितने राज्यों और देशों तक फैला हुआ है।










