इंदौर। शहर के प्रतिष्ठित 5-स्टार सयाजी होटल में खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान कई कमियां सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने निरीक्षण के बाद होटल के दोनों किचन और एक बेकरी को सील कर दिया। साथ ही होटल के रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित किया गया है।
पांच घंटे चली जांच में सामने आईं कई खामियां
खाद्य विभाग और एफएसएसएआई की टीम ने होटल के किचन का कई घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के सही तरीके से भंडारण, तापमान नियंत्रण, लेबलिंग, साफ-सफाई, पेस्ट कंट्रोल और किचन के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा नियमों और लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की। इन कमियों के आधार पर प्रशासन ने दोनों किचन और बेकरी को सील करने का फैसला लिया।
फिलहाल होटल के रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री तैयार करने पर रोक रहेगी। होटल प्रबंधन चाहे तो बाहर से तैयार खाद्य सामग्री मंगाकर ग्राहकों को उपलब्ध करा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, होटल को पहले निरीक्षण में बताई गई सभी कमियों को दूर करना होगा और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। इसके अलावा होटल को एफएसएसएआई का केंद्रीय लाइसेंस/प्रमाण-पत्र भी लेना होगा।
एक अन्य होटल के किचन से भी लिए गए खाद्य सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शुक्रवार को सिग्नेचर बुटिक होटल का भी औचक निरीक्षण किया। यहां किचन की फर्श खराब स्थिति में मिली और खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। कुछ खाद्य उत्पादों पर निर्माण और एक्सपायरी की जानकारी भी सही तरीके से उपलब्ध नहीं थी।
जांच के दौरान किचन में काम करने वाले कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों के पास हेड कैप और एप्रन जैसे जरूरी सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे। पेस्ट कंट्रोल से संबंधित वैध प्रमाण-पत्र भी टीम को नहीं मिला। अधिकारियों ने यहां से सोयाबीन तेल, पनीर और मैदा के नमूने जांच के लिए लिए हैं। होटल प्रबंधन को कमियां सुधारने और निर्धारित समय में जवाब देने का नोटिस दिया गया है।
स्कूल मैस में भी खाद्य सुरक्षा को लेकर जांच
खाद्य विभाग की टीम ने एक स्कूल की मैस का भी निरीक्षण किया। यहां से टोमैटो कैचअप, विनेगर, रेड चिली सॉस, पाव और भाजी समेत पांच खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। निरीक्षण के दौरान मैस में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कुछ व्यवस्थाएं भी संतोषजनक नहीं मिलीं।
जांच में खराब हालत वाला चॉपिंग बोर्ड, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस दस्तावेजों की कमी और खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होना सामने आया। कुछ बर्तनों में जंग भी मिली, जबकि पिसाई मशीन के आसपास बर्तन धोने की व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज की।
इंदौर में हजारों होटल-रेस्टोरेंट, लेकिन जांच का दायरा सीमित
इंदौर में बड़ी संख्या में होटल और रेस्टोरेंट संचालित होते हैं, लेकिन खाद्य विभाग हर महीने सीमित प्रतिष्ठानों की ही जांच कर पाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हर महीने करीब 10 से 15 होटल-रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया जाता है। ऐसे में शहर के कई प्रतिष्ठानों तक नियमित खाद्य सुरक्षा जांच नहीं पहुंच पाती।
खाद्य सुरक्षा को लेकर पहले भी शहर के बड़े होटलों में कार्रवाई हो चुकी है। मई में भी कुछ प्रमुख 5-स्टार होटलों का निरीक्षण किया गया था और एक होटल में कमियां मिलने पर उसका लाइसेंस कुछ समय के लिए निलंबित किया गया था। कमियां दूर करने के बाद अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर वहां दोबारा संचालन की अनुमति दी गई थी।










