भोपाल: मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन से जुड़े कई मामलों में आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों की जांच चल रही है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के साथ-साथ मशीनों की खरीद, स्वसहायता समूहों की महिलाओं के बीमा और गणवेश सिलाई से जुड़े मामलों की भी पड़ताल कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
368 नियुक्तियों में मेरिट सूची को लेकर सवाल
मामले में सबसे प्रमुख आरोप मिशन के अंतर्गत हुई 368 संविदा नियुक्तियों से जुड़ा है। शिकायत में कहा गया है कि कुछ नियुक्तियों में निर्धारित मेरिट सूची को नजरअंदाज किया गया। जांच एजेंसी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों, अधिकारियों के दस्तावेज और पूर्व में तैयार की गई जांच रिपोर्ट का परीक्षण कर रही है। इसी मामले में पहले FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई थी और कुछ अधिकारियों को आरोपित बनाया गया था।
अगरबत्ती मशीनों की खरीद पर उठे सवाल
दूसरी शिकायत स्वसहायता समूहों के लिए खरीदी गई अगरबत्ती बनाने वाली मशीनों से संबंधित है। आरोप है कि जिन मशीनों की बाजार कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये के आसपास बताई गई, उनकी खरीद करीब सवा लाख रुपये तक की कीमत में की गई। इस तरह खरीद प्रक्रिया में कीमतों के अंतर को लेकर सवाल उठे हैं। EOW दस्तावेजों और खरीद प्रक्रिया की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वास्तविक लागत और भुगतान में कितना अंतर था।
महिलाओं के बीमा और गणवेश योजना की भी जांच
स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बीमा को लेकर भी शिकायत सामने आई है। आरोप के अनुसार महिलाओं से बीमा के नाम पर करीब 300 से 400 रुपये तक राशि ली गई, लेकिन सभी लाभार्थियों को बीमा पॉलिसी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा गणवेश सिलाई से संबंधित काम में भी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों में भुगतान, लाभार्थियों और संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
EOW इन सभी शिकायतों से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रहा है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं मिशन से जुड़े एक अन्य मामले को लेकर लोकायुक्त संगठन में भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है, जिसमें टेक होम राशन के परिवहन और गुणवत्ता से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल इन सभी आरोपों पर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।










