भोपाल में शक्कर की कीमतों में आए बदलाव का असर अब सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और खान-पान के कारोबार पर दिखाई देने लगा है। शहर के कई बड़े रिटेल स्टोर्स में ग्राहकों को एक बार में सीमित मात्रा में ही शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, शक्कर की बढ़ी लागत का असर चाय-कॉफी बेचने वाले कैफे और सेंटरों पर भी पड़ा है, जहां कुछ जगहों पर पेय पदार्थों की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
रिटेल बाजार में सीमित मात्रा में मिल रही शक्कर
भोपाल के कुछ बड़े स्टोर्स में शक्कर की बिक्री को फिलहाल सीमित कर दिया गया है। ग्राहकों को करीब 5 से 10 किलो तक ही शक्कर देने की जानकारी सामने आई है। इससे उपभोक्ताओं के बीच बाजार में शक्कर की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि केवल रिटेल में बिक्री सीमित होने को शक्कर की वास्तविक कमी का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
थोक बाजार में स्टॉक पर्याप्त, भाव में आई नरमी
रिटेल बाजार में भले ही शक्कर की खरीद पर सीमा दिखाई दे रही हो, लेकिन थोक कारोबार से फिलहाल राहत की खबर सामने आई है। थोक व्यापारियों के मुताबिक बाजार में शक्कर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई में बड़ी कमी नहीं आई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में थोक कीमतों में करीब 2 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट भी दर्ज की गई है। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों को सीधे स्टॉक की कमी से जोड़ना उचित नहीं माना जा रहा है।
रोजाना करीब 2 लाख किलो शक्कर की खपत
भोपाल में शक्कर की खपत काफी बड़े स्तर पर होती है। शहर में प्रतिदिन करीब 2 हजार क्विंटल यानी लगभग 2 लाख किलो शक्कर की खपत होने का अनुमान है। इसमें केवल घरेलू उपभोक्ता ही शामिल नहीं हैं, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, मिठाई की दुकानें, बेकरी और चाय-कॉफी से जुड़े कारोबार भी बड़ी मात्रा में शक्कर का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए कीमतों में बदलाव का असर कई क्षेत्रों की लागत पर पड़ता है।
चाय-कॉफी और मिठाई कारोबार पर बढ़ा दबाव
शक्कर महंगी होने से सबसे पहले उन कारोबारों पर असर पड़ता है, जिनमें इसका नियमित और अधिक इस्तेमाल होता है। चाय और कॉफी सेंटरों के अलावा कैफे तथा कैफेटेरिया संचालकों की लागत बढ़ी है। इसी वजह से कई जगहों पर चाय और कॉफी की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है। दूसरी ओर मिठाई और बेकरी कारोबार में भी कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कम कीमत पर शक्कर बेचने वाली कंपनियों पर उठे सवाल
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ से जुड़े व्यापारियों ने बाजार भाव से कम कीमत पर शक्कर बेचने वाली बड़ी रिटेल और ऑनलाइन कंपनियों के स्टॉक तथा खरीद प्रक्रिया की जांच की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि अगर कम कीमत पर बिक्री किसी प्रमोशनल ऑफर या रणनीति का हिस्सा है, तो इसकी जानकारी स्पष्ट रूप से सामने आनी चाहिए। इससे छोटे दुकानदारों के साथ-साथ उपभोक्ताओं के हितों को लेकर भी स्थिति अधिक पारदर्शी हो सकेगी।
फिलहाल भोपाल के बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग दिखाई दे रही है। एक तरफ रिटेल दुकानों पर शक्कर की बिक्री सीमित होने से ग्राहकों में चिंता है, तो दूसरी तरफ थोक बाजार में पर्याप्त स्टॉक और कीमतों में करीब 2 रुपये प्रति किलो की नरमी राहत दे रही है। हालांकि, शक्कर की कीमतों का असर चाय-कॉफी, मिठाई, बेकरी और अन्य खाद्य कारोबारों की लागत पर पड़ रहा है, जिसका सीधा प्रभाव आने वाले समय में उपभोक्ताओं की जेब पर दिखाई दे सकता है।










