मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की ओर है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर जारी है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 23 से 26 अगस्त के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। इसके बाद नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी वर्षा का दायरा बढ़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम
मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्र के आसपास बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे के दौरान इसी क्षेत्र में कम दबाव का एक नया क्षेत्र विकसित होने की संभावना जताई गई है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है, तो मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं और बारिश का क्षेत्र कई जिलों तक फैल सकता है।
रीवा-जबलपुर सहित इन जिलों में बारिश की संभावना
पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और जबलपुर सहित आसपास के इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 23 से 26 अगस्त के बीच इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 22 से 25 अगस्त के बीच कुछ स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद बारिश का दायरा प्रदेश के मध्य और पश्चिमी जिलों की तरफ बढ़ सकता है।
दमोह और जबलपुर में हुई तेज बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश ने जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई। दमोह और जबलपुर जिलों में अति भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि रीवा, मऊगंज, मंडला, दतिया और पन्ना के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश हुई। दमोह जिले के तेंदुखेड़ा में 24 घंटे के दौरान 130.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मझौली, अजयगढ़ और पाटन जैसे क्षेत्रों में भी भारी से अति भारी बारिश का असर देखने को मिला।
लगातार बारिश से जलभराव और बाढ़ का खतरा
पूर्वी मध्य प्रदेश के जिन इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, वहां स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से जलभराव की स्थिति बन सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश की स्थिति में छोटी नदियों और नालों में अचानक पानी बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा।
अगले सप्ताह भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
प्रदेश में मौजूदा मौसम प्रणालियों का असर अगले सप्ताह तक बने रहने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अभी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है और मानसून ट्रफ भी इसके आसपास से गुजर रही है। इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
फिलहाल मौसम का सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया कम दबाव क्षेत्र सक्रिय हुआ तो सोमवार के बाद मध्य प्रदेश के मध्य और पश्चिमी जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में रीवा, सतना, जबलपुर, बालाघाट समेत पूर्वी जिलों के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है।










