MP Budget 2027: मोहन सरकार की बड़ी तैयारी, युवाओं से लेकर किसान और उद्योगों तक पर रहेगा फोकस; चुनाव से पहले इन क्षेत्रों को मिल सकती है बड़ी सौगात

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भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले साल से चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। वर्ष 2027 में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं, जबकि मार्च में राज्य का नया बजट पेश किया जाना है। ऐसे में आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट में गांव, शहर, युवा, किसान और उद्योग क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता मिलने के संकेत हैं। वित्त विभाग ने अलग-अलग विभागों से बजट प्रस्ताव तैयार करने के लिए शुरुआती स्तर पर वित्तीय सीमा तय कर दी है। मौजूदा तैयारियों के अनुसार ग्रामीण और नगरीय विकास के साथ युवाओं को केंद्र में रखकर बजट का खाका तैयार किया जा रहा है।

पहली बार अलग से ‘युवा बजट’ पर जोर

मध्य प्रदेश में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या 1.39 करोड़ से अधिक बताई गई है। इतनी बड़ी युवा आबादी को देखते हुए सरकार इस बार बजट में युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों और योजनाओं को खास जगह देने की तैयारी में है। इसी कड़ी में प्रदेश में पहली बार अलग से ‘युवा बजट’ प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। आगामी नगरीय निकाय चुनाव भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इस बार चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होने हैं, यानी मतदाता सीधे अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। वर्ष 2022 में नगर पालिका और नगर परिषद के चुनाव पार्षदों के माध्यम से कराए गए थे, लेकिन बाद में व्यवस्था में बदलाव कर प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली बहाल की गई।

गांव और शहरों के विकास के लिए बड़े बजट का प्रस्ताव

आगामी चुनावी वर्ष को देखते हुए सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों पर समान रूप से ध्यान देने की तैयारी में है। वित्त विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे प्रस्तावों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए बड़ी राशि का प्रावधान दिखाई दे रहा है। प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए करीब 31,789 करोड़ रुपये और नगरीय विकास के लिए 22,665 करोड़ रुपये रखे जा सकते हैं। पंचायत क्षेत्र के लिए अलग से लगभग 10,752 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित बताया गया है। इससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्थानीय स्तर की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर रहने की संभावना है।

स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और बिजली पर भी सरकार की नजर

बजट में केवल चुनावी क्षेत्रों पर ही ध्यान नहीं रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और ऊर्जा जैसे बड़े क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण राशि प्रस्तावित की जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब 23,305 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है। वहीं सिंचाई क्षमता को बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लक्ष्य के तहत नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग को 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक मिलने की संभावना जताई गई है। किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए बिजली कंपनियों को मिलने वाली सरकारी सहायता भी जारी रहने की संभावना है। ऊर्जा विभाग के लिए करीब 34,020 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बताया गया है। स्कूल शिक्षा के लिए भी 35,688 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।

किसानों और उद्योगों के लिए भी खुल सकता है सरकारी खजाना

सरकार आगामी बजट में किसानों के साथ औद्योगिक क्षेत्र को भी मजबूती देने पर जोर दे सकती है। औद्योगिक केंद्रों के विकास और अलग-अलग उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए उद्योग विभाग के बजट को करीब 4,000 करोड़ रुपये तक रखने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME क्षेत्र के लिए लगभग 2,206 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है। प्रस्तावित राशि का उपयोग उद्योगों को प्रोत्साहन और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने वाली योजनाओं में किया जा सकता है।

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