भोपाल में बिजली बिल ठीक कराने का झांसा देकर बड़ी साइबर ठगी, 12 रुपये की फीस के नाम पर रिटायर्ड SE के खाते से 1.13 लाख रुपये पार

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पुराने बिजली भुगतान की गड़बड़ी बताकर बनाया भरोसा

भोपाल में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें ठग ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर 76 वर्षीय सेवानिवृत्त अधिकारी को निशाना बनाया। आरोपी ने बिजली बिल में तकनीकी समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया और पुराने भुगतान से जुड़ी गड़बड़ी की जानकारी देकर पीड़ित का विश्वास जीत लिया। इसके बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के बहाने उनके बैंक खाते से 1,13,900 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।

1918 रुपये के पुराने भुगतान का दिया हवाला

कोहेफिजा पुलिस के अनुसार गोल्फ लिंक फेस-2 निवासी महेंद्र कुमार गुप्ता वर्ष 2009 में मध्य प्रदेश विद्युत मंडल में एसई पद से सेवानिवृत्त हुए थे। 20 अगस्त की शाम उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को बिजली विभाग से जुड़ा कर्मचारी बताते हुए कहा कि 1918 रुपये का बिजली बिल भुगतान पुराने आइवीआरएस नंबर से दर्ज है, जबकि कनेक्शन नंबर बदल चुका है। इसी वजह से भुगतान नए कनेक्शन में अपडेट नहीं हुआ है। आरोपी ने दावा किया कि वह इस समस्या को ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए ठीक करा सकता है।

12 रुपये की छोटी फीस का बहाना बना भेजा लिंक

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए ठग ने समस्या के समाधान के लिए महज 12 रुपये की फीस जमा करने की बात कही। इसके बाद WhatsApp के माध्यम से एक लिंक भेजा गया। आरोपी ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित को उस प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए। कम रकम की फीस और बिजली बिल से जुड़ी जानकारी के कारण पीड़ित को शुरुआत में इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह नहीं हुआ।

कुछ ही समय में खाते से निकल गए 1.13 लाख

ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान साइबर ठग ने इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पीड़ित के SBI खाते से 1,13,900 रुपये ट्रांसफर कर लिए। जब उन्हें लेनदेन को लेकर शक हुआ तो उन्होंने वीडियो कॉल तुरंत बंद कर दी, लेकिन तब तक रकम खाते से जा चुकी थी। घटना के बाद आरोपी ने WhatsApp पर भेजे गए लिंक और कुछ संदेश भी हटा दिए, जिससे ठगी से जुड़े डिजिटल सुराग मिटाने की कोशिश की गई।

1930 पर शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच

ठगी का पता चलने के बाद महेंद्र कुमार गुप्ता ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कोहेफिजा थाने में भी मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस अब उस मोबाइल नंबर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसका इस्तेमाल ठगी में किया गया था।

बिजली बिल के नाम पर आने वाली कॉल से रहें सतर्क

साइबर ठगी की इस घटना से एक बार फिर साफ है कि बिजली बिल, कनेक्शन अपडेट या भुगतान सुधारने के नाम पर आने वाली अनजान कॉल पर सावधानी बरतना जरूरी है। किसी व्यक्ति के कर्मचारी होने का दावा करने मात्र से उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। अनजान WhatsApp लिंक खोलने, कोई संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से बचें। अगर किसी खाते से अनधिकृत रकम निकल जाती है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करना सबसे जरूरी कदम है।

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