सत्र 2026-27 से लागू होगी नई व्यवस्था
मध्य प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा महाविद्यालयों में विदेशी नागरिकों को भी पढ़ाई का अवसर मिलेगा। राज्य के आयुष विभाग ने विदेशी विद्यार्थियों के प्रवेश से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए इस दिशा में प्रवेश का रास्ता खोल दिया है। इसके तहत पात्र विदेशी छात्र BAMS, BHMS और BUMS जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे।
प्रवेश के लिए पूरी करनी होंगी जरूरी शर्तें
विदेशी विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए निर्धारित पात्रता मानकों का पालन करना होगा। उनकी शैक्षणिक योग्यता की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विश्वविद्यालय या सक्षम बोर्ड से समकक्षता प्रमाण पत्र आवश्यक होगा। इसके अलावा भारत सरकार के विदेश मंत्रालय से आवश्यक स्वीकृति भी प्रवेश प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। अभ्यर्थी को अपनी समकक्ष अर्हक परीक्षा में अंग्रेजी विषय उत्तीर्ण होना अनिवार्य रहेगा। सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जाएगी।
प्रदेश में बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं आयुष संस्थान और सीटें
मध्य प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा का मजबूत नेटवर्क मौजूद है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में लगभग 39 आयुर्वेद कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि होम्योपैथी के करीब 20 और यूनानी चिकित्सा के चार संस्थान हैं। इन कॉलेजों में आयुष से जुड़े पाठ्यक्रमों की चार हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। विदेशी छात्रों को प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद प्रदेश के इन संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
नई व्यवस्था से मध्य प्रदेश के आयुष कॉलेजों की पहुंच देश की सीमाओं से बाहर तक बढ़ेगी। आने वाले समय में विदेशी छात्रों के लिए सीटों की संख्या, आरक्षण व्यवस्था और विस्तृत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर संबंधित विभागों की ओर से अलग दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।










