मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों के सुरक्षित आवागमन को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेशभर में खराब सड़कों और गड्ढों को चिन्हित कर 30 सितंबर तक उन्हें भरने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशियों, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर भी कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने पर जोर दिया गया।
55 जिलों के लिए तैयार किया गया एक्शन प्लान
प्रदेश के सभी 55 जिलों में सड़क सुरक्षा को लेकर अलग-अलग कार्ययोजना तैयार की गई है। दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित करके वहां जरूरी सुधार और सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। खास तौर पर उन नौ जिलों में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्हें जीरो फैटेलिटी जिलों के रूप में चिन्हित किया गया है। अधिकारियों को सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कामों में लापरवाही नहीं बरतने तथा जरूरी अनुमतियां समय पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़कों के गड्ढे भरने के साथ मवेशियों पर भी अभियान
सड़क हादसों का एक कारण सड़कों पर बेसहारा मवेशियों की मौजूदगी भी बनती है। इसे देखते हुए ऐसे स्थानों की पहचान की जाएगी जहां बड़ी संख्या में मवेशी सड़कों पर जमा होते हैं। स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय, पंचायतों और पशुपालन विभाग के सहयोग से उन्हें सुरक्षित स्थानों या नजदीकी गोशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत पड़ने पर गोशालाओं में अस्थायी शेड और अन्य व्यवस्थाएं बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है। पशुपालकों को जागरूक करने के साथ लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान भी रहेगा।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा अभियान के तहत केवल गड्ढों की मरम्मत तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। सड़कों के किनारे होने वाली अवैध पार्किंग और यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण को हटाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। दुर्घटनाओं की संभावना वाले क्षेत्रों में सड़क की स्थिति, ट्रैफिक व्यवस्था और जरूरी सुरक्षा उपायों की निगरानी की जाएगी। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के नियमित इस्तेमाल के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से भी अभियान चलाया जाएगा।
डैशबोर्ड से होगी सुरक्षा कार्यों की निगरानी
सड़क दुर्घटनाओं वाले स्थानों पर किए जा रहे सुधार कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए डिजिटल निगरानी व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थान, वहां चल रहे सुरक्षा कार्य और उनकी प्रगति की जानकारी एक जगह उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा सुरक्षित स्कूल जोन और बेहतर यातायात व्यवस्था वाले मॉडल जंक्शन विकसित करने के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा से जुड़े कामों को तय मानकों के अनुरूप पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सुरक्षित सड़कों के लिए समन्वित प्रयास
प्रदेश में सड़क सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए सड़क निर्माण एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। गड्ढों की मरम्मत, मवेशियों की समस्या, अतिक्रमण, पार्किंग और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम जैसे मुद्दों पर एक साथ काम किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य सड़क हादसों को कम करने के साथ आम लोगों के लिए सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था तैयार करना है।










