इंदौर। बारिश की रफ्तार थमने के बाद इंदौर में एक बार फिर गर्मी और उमस का असर महसूस होने लगा है। बीते कुछ दिनों में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक रहा। मौसम में आए इस बदलाव के चलते दिन के समय लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, इसलिए आने वाले दिनों में भी आसमान पूरी तरह साफ रहने के बजाय बादलों की आवाजाही और कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
चार दिन में चार डिग्री बढ़ा दिन का तापमान
इंदौर में पिछले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। बुधवार को दिन का पारा 31.6 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि रात का न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 1 डिग्री कम दर्ज किया गया। दिन में धूप निकलने के साथ वातावरण में नमी बनी रहने से उमस भी बढ़ गई, जिसके कारण तापमान सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस हुआ।
बारिश का आंकड़ा अभी भी औसत से पीछे
इंदौर में अब तक करीब 544.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि यह आंकड़ा इस अवधि के सामान्य औसत से लगभग 265.5 मिलीमीटर कम है। बारिश में फिलहाल कमी आने के कारण तापमान बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में शहर और आसपास के क्षेत्रों में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन लगातार तेज बारिश का दौर फिलहाल नजर नहीं आ रहा है।
प्रदेश के कई हिस्सों में बढ़ा तापमान
मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई स्थानों पर बारिश नहीं होने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बुधवार को ग्वालियर और छतरपुर जिले के खजुराहो में तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञानी एचएस पांडे के अनुसार गुरुवार को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है।
11 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधि बढ़ने के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 11 सितंबर से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं, जबकि 13 सितंबर के आसपास पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश के आसार बन रहे हैं। आंध्र प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा में बना चक्रवाती परिसंचरण आगे चलकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है। इसके बाद इसके आगे बढ़ने पर मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।










