मध्य प्रदेश में 17 सितंबर से जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। इन अभियानों के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के 50 लाख से अधिक लोगों को उनकी संपत्ति की निश्शुल्क रजिस्ट्री कराकर अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की तैयारी है। इसके साथ ही प्रदेशभर में बड़े स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। उज्जैन स्थित महाकाल लोक में अकेले 25 लाख से ज्यादा दीप जलाने की तैयारी की जा रही है।
50 लाख से ज्यादा ग्रामीणों को मिलेगा संपत्ति का अधिकार
स्वामित्व अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 41,568 गांवों में अब तक 68 लाख 47 हजार भूखंडों का सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस प्रक्रिया के बाद 50 लाख से अधिक पात्र हितग्राहियों के नाम उनकी संपत्तियों की रजिस्ट्री निश्शुल्क कराने की योजना है। इसके लिए पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से संबंधित छूट का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी संपत्ति पर कानूनी अधिकार से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना और प्रक्रिया को आसान बनाना है।
पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर होगी रजिस्ट्री
मुफ्त रजिस्ट्री की प्रक्रिया को जमीन पर लागू करने के लिए अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक अलग-अलग स्तर पर गतिविधियां आयोजित होंगी। ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिव, पटवारी और रोजगार सहायक मिलकर शिविर लगाएंगे। इन शिविरों का आयोजन प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को किया जाना है। अधिकारियों को प्रतिदिन करीब 30 से 40 रजिस्ट्रियों का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में पात्र लोगों को समय पर लाभ मिले और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे, इस पर विशेष जोर दिया गया है।
महाकाल लोक में 25 लाख से ज्यादा दीप जलाने की तैयारी
दूसरे अभियान ‘सेवा से संकल्प’ के तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जनसेवा से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ‘आशीर्वाद का दीपक’ कार्यक्रम से होगी। 17 सितंबर की शाम 7 बजे प्रदेशभर में एक साथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इस दौरान घरों के साथ चयनित ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को भी रोशन किया जाएगा। प्रदेश में कुल 58 लाख से ज्यादा दीप जलाने की तैयारी है, जबकि उज्जैन के श्री महाकाल महालोक में ही 25 लाख से अधिक दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार ने अधिकारियों को दिए आयोजन के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को दोनों अभियानों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्तों और कलेक्टरों को अभियान की व्यवस्थाओं पर निगरानी रखने तथा जनप्रतिनिधियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार की योजना इन कार्यक्रमों को केवल प्रशासनिक गतिविधि तक सीमित न रखकर जनभागीदारी के बड़े अभियान के रूप में आयोजित करने की है।









