भोपाल-विदिशा सफर होगा और तेज, 44.83 किमी लंबे फोरलेन प्रोजेक्ट में तीन बड़े बायपास; जानिए कहां-कहां बदलेगा ट्रैफिक रूट

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भोपाल और विदिशा के बीच आने वाले समय में सड़क यात्रा पहले की तुलना में ज्यादा सुगम और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार की योजना के तहत भोपाल-विदिशा मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से लैस चार लेन सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा। करीब 44.83 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में सड़क के साथ पेव्ड शोल्डर भी बनाए जाएंगे। परियोजना का उद्देश्य बढ़ते यातायात को बेहतर तरीके से संभालना और भोपाल के आसपास विकसित हो रहे महानगरीय क्षेत्र को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ना है।

तीन प्रमुख जगहों पर बनाए जाएंगे बायपास

प्रस्तावित सड़क परियोजना में सूखी सेवनिया, बेरखेड़ी और सलामतपुर के आसपास बायपास बनाए जाने की योजना है। इन बायपास के बनने के बाद मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों को आबादी वाले क्षेत्रों में कम रुकना पड़ेगा। इससे स्थानीय ट्रैफिक का दबाव घटने के साथ भोपाल से विदिशा और सांची की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अपेक्षाकृत बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।

44.83 किमी का मार्ग किन क्षेत्रों को जोड़ेगा

यह सड़क भोपाल के अयोध्या बायपास क्षेत्र के भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाएगी। मौजूदा रूट भानपुर, चोपड़ाकला, सूखी सेवनिया, डोब, बालमपुर, दीवानगंज और सलामतपुर जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरता है। इस कॉरिडोर का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसके आसपास सांची का ऐतिहासिक क्षेत्र मौजूद है और कर्क रेखा भी इसी मार्ग के एक हिस्से से होकर गुजरती है।

परियोजना पर कैसे होगा खर्च

इस सड़क के निर्माण के लिए हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल यानी HAM को आधार बनाया गया है। योजना के अनुसार निर्माण लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा राज्य राजमार्ग निधि से उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि बाकी राशि का भुगतान संचालन अवधि के दौरान किया जाएगा। निर्माण शुरू होने से पहले जमीन अधिग्रहण और अन्य जरूरी तैयारियों के लिए करीब 364.41 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

भोपाल बायपास को लेकर भी बड़ा फैसला

भोपाल बायपास को चार लेन से छह लेन में विकसित करने की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। करीब 51.963 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क यानी टोल वसूली की अनुमति दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को आगे बढ़ाने का अधिकार लोक निर्माण विभाग को दिया गया है। यह बायपास भोपाल को इंदौर, रायसेन, विदिशा और नर्मदापुरम जैसे क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है।

यातायात और विकास को मिलेगा फायदा

भोपाल-विदिशा फोरलेन प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इस रूट पर सफर करने वाले लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। बायपास के कारण कस्बों और आबादी वाले हिस्सों में भारी वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। वहीं सांची जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों को भी इसका लाभ मिल सकता है।

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