इंदौर IT पार्क चौराहे पर बदहाल सड़क से बढ़ी परेशानी, आधा फीट तक गड्ढों के बीच रोज गुजर रहे 70 हजार वाहन

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इंदौर। शहर के आईटी पार्क चौराहे पर फ्लाईओवर निर्माण के चलते बनाए गए वैकल्पिक मार्ग की खराब हालत अब वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। कुछ स्थानों पर इनकी गहराई करीब आधा फीट तक पहुंच गई है। इस रास्ते से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, ऐसे में जर्जर सड़क के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।

बारिश ने बढ़ाई सड़क की मुश्किल

आईटी पार्क की ओर जाने वाले मार्ग पर गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। तीन इमली से आईटी पार्क की तरफ जाने वाले हिस्से में कई जगह सड़क खराब हो चुकी है। वाहन चालक गड्ढों से बचने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण कई बार वाहनों की गति धीमी हो जाती है और सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनने लगती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।

फ्लाईओवर निर्माण की धीमी रफ्तार का असर

आईटी पार्क फ्लाईओवर करीब 800 मीटर लंबा है और इसके निर्माण पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना का भूमिपूजन मार्च 2024 में हुआ था, जबकि निर्माण कुछ समय बाद शुरू किया गया। करीब दो साल का समय बीतने के बाद भी निर्माण का लगभग आधा काम ही पूरा हो पाया है। फ्लाईओवर निर्माण के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात को वैकल्पिक रास्ते से निकाला जा रहा है, लेकिन इस मार्ग की पर्याप्त मरम्मत नहीं होने से वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ गई है।

दिनभर वाहनों का दबाव, यातायात संभालना चुनौती

आईटी पार्क क्षेत्र में दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, जिसके चलते यातायात को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस के जवानों को भी तैनात करना पड़ता है। सड़क पर गड्ढों और निर्माण कार्य के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। खासकर व्यस्त समय में सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से लंबी कतारें लगने की स्थिति बन जाती है।

गड्ढों की अस्थायी मरम्मत भी नहीं टिक रही

बारिश से पहले सड़क को सुधारने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। कुछ जगहों पर गड्ढों में गिट्टी डालकर सड़क को चलने लायक बनाने की कोशिश की गई, लेकिन बारिश के दौरान गिट्टी बह जाने से समस्या दोबारा सामने आ गई। इससे सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और वाहन चालकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गैस पाइपलाइन भी बन रही निर्माण में अड़चन

फ्लाईओवर के काम में चौराहे के आसपास से गुजर रही करीब 10 इंच की मुख्य गैस पाइपलाइन भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। पाइपलाइन को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है और कुछ हिस्सों में काम अभी बाकी बताया जा रहा है। निर्माण एजेंसी के सामने पाइपलाइन वाले हिस्से में स्थायी सड़क तैयार करने को लेकर भी तकनीकी चुनौती है, क्योंकि भविष्य में पाइपलाइन के रखरखाव के लिए वहां पहुंच जरूरी होगी।

पिलर तैयार, अब गर्डर लगाने की तैयारी

फिलहाल फ्लाईओवर के कई पिलर तैयार किए जा चुके हैं और उनके ऊपर पियर कैप लगाने का काम चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक इस चरण का काम आने वाले कुछ महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद फ्लाईओवर पर गर्डर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। योजना के अनुसार सितंबर से गर्डर बिछाने का काम शुरू किया जाना प्रस्तावित है।

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता वैकल्पिक सड़क की हालत को लेकर है। फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने में अभी समय लगना है, लेकिन तब तक इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को गड्ढों, जलभराव और यातायात दबाव से राहत दिलाने के लिए सड़क की बेहतर मरम्मत जरूरी है।

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