इंदौर। शहर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अलग-अलग स्थानों से जांच के लिए भेजे गए घी के सैंपलों में से आठ की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। भोपाल स्थित राज्य स्तरीय खाद्य प्रयोगशाला में जांच के दौरान इन सभी सैंपलों को असुरक्षित घोषित किया गया है। खास बात यह है कि जांच के दायरे में कुछ चर्चित ब्रांड के साथ स्थानीय डेयरियों से लिए गए घी के नमूने भी शामिल हैं।
गोदामों और डेयरियों से लिए गए थे नमूने
खाद्य विभाग की टीम ने जुलाई में इंदौर के लसूड़िया मोरी और तलावली चांदा क्षेत्र में स्थित गोदामों से घी के नमूने लिए थे। लसूड़िया के एसडीए कंपाउंड स्थित एक प्रतिष्ठान से वास्तु एगमार्क ब्रांड के तीन नमूने लिए गए, जबकि तलावली चांदा स्थित एक अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान से घुमर ब्रांड के घी का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। इसके अलावा विजयनगर इलाके की कुछ डेयरियों से भी घी के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट में इन आठ नमूनों को खाद्य सुरक्षा के मानकों पर असुरक्षित पाया गया है।
आसपास के शहरों तक पहुंच रहा था घी
जांच के दौरान सामने आया है कि संबंधित गोदामों में रखा घी केवल इंदौर के बाजार तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के शहरों में भी इसकी सप्लाई की जा रही थी। ऐसे में विभाग की चिंता केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक अभी जांच के लिए भेजे गए सभी नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। 50 से अधिक सैंपल अलग-अलग जगहों से भोपाल की प्रयोगशाला भेजे गए हैं और बाकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
हजारों किलो घी जब्त कर बिक्री पर लगाई रोक
खाद्य सुरक्षा विभाग और एफएसएसएआई की संयुक्त कार्रवाई में पहले भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी जब्त किया जा चुका है। एबी रोड स्थित एक गोदाम से करीब 25 हजार किलो गोवर्धन ब्रांड का घी जब्त कर उसकी बिक्री पर रोक लगाई गई थी। वहीं मल्हारगंज क्षेत्र के एक प्रतिष्ठान से अलग-अलग ब्रांड का लगभग 267 किलो घी जब्त किया गया। जिले के अन्य स्थानों से भी करीब साढ़े पांच हजार किलो घी कार्रवाई के दौरान कब्जे में लिया गया है।
रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार अब तक प्राप्त आठ रिपोर्ट में सभी नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि बाकी नमूनों की रिपोर्ट भी जल्द प्राप्त हो जाएगी, जिसके बाद जरूरत के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बाजार में पहुंच चुके स्टॉक ने बढ़ाई चिंता
इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चिंता उस घी को लेकर है जो कार्रवाई से पहले ही बाजार में पहुंच चुका हो सकता है। गोदामों में मौजूद स्टॉक को जब्त किया गया है, लेकिन पहले सप्लाई किए जा चुके उत्पाद की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना चुनौती बना हुआ है। जांच रिपोर्ट आने में लगने वाले समय के कारण संदिग्ध घी की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा इंदौर की आधुनिक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला अभी शुरू नहीं होने के कारण स्थानीय विभाग को नमूनों की जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला पर निर्भर रहना पड़ रहा है।










