NEET PG परीक्षा केंद्र को लेकर छात्रों में असमंजस
NEET PG 2026 परीक्षा से पहले सेंटर अलॉटमेंट को लेकर छात्रों की परेशानी सामने आई है। 30 अगस्त को प्रस्तावित परीक्षा के लिए कुछ अभ्यर्थियों को उनके गृह शहर से काफी दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। इंदौर के विद्यार्थियों के सामने ऐसी स्थिति बनी है कि किसी को दूसरे राज्य में परीक्षा देने जाना होगा, जबकि एक छात्र को करीब 2100 किलोमीटर दूर पोर्ट ब्लेयर का केंद्र मिलने की जानकारी सामने आई है। अचानक हुए इस तरह के आवंटन से विद्यार्थी और उनके अभिभावक यात्रा, ठहरने और समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने को लेकर चिंतित हैं।
इंदौर से कर्नाटक, हिमाचल और अंडमान तक केंद्र
सेंटर आवंटन में दूरी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उन विद्यार्थियों की है जिन्हें मध्य प्रदेश से बाहर केंद्र मिले हैं। जानकारी के अनुसार एक अभ्यर्थी को कर्नाटक के कलबुर्गी, दूसरे को हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और एक अन्य विद्यार्थी को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में परीक्षा केंद्र दिया गया है। सबसे लंबी दूरी वाला मामला पोर्ट ब्लेयर का बताया जा रहा है, जहां पहुंचने के लिए इंदौर से करीब 2100 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ सकती है।
मैसेज और वेबसाइट पर अलग जानकारी से बढ़ा असमंजस
छात्रों की परेशानी सिर्फ दूर-दराज के केंद्र मिलने तक सीमित नहीं है। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें मोबाइल पर प्राप्त जानकारी और वेबसाइट पर प्रदर्शित परीक्षा केंद्र के विवरण में अंतर नजर आ रहा है। ऐसे में विद्यार्थी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि परीक्षा के दिन उन्हें किस स्थान पर पहुंचना होगा। अभ्यर्थियों को आशंका है कि यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो यात्रा की योजना बनाने में मुश्किल हो सकती है।
परीक्षा से पहले यात्रा और खर्च की चिंता
दूसरे राज्य या दूरस्थ क्षेत्र में परीक्षा केंद्र मिलने से विद्यार्थियों के सामने अतिरिक्त यात्रा खर्च और ठहरने की व्यवस्था की चुनौती भी खड़ी हो गई है। खासतौर पर पोर्ट ब्लेयर जैसे दूर के स्थान तक पहुंचने वाले अभ्यर्थियों के लिए यात्रा की योजना बनाना आसान नहीं होगा। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी सेंटर अलॉटमेंट को लेकर स्थिति स्पष्ट करे और यदि किसी स्तर पर तकनीकी या प्रशासनिक गड़बड़ी हुई है तो उसे समय रहते ठीक किया जाए।
एलएलबी विद्यार्थियों ने मूल्यांकन को लेकर उठाए सवाल
इसी बीच इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एलएलबी के विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम और उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। छात्रसुनवाई के दौरान विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कुछ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ और सही उत्तरों के बावजूद कम अंक मिलने की समस्या सामने आई है। कुछ विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि रिव्यू के बाद जारी परिणाम में अधिकांश के अंकों में बदलाव नहीं हुआ, जबकि कुछ मामलों में अंकों में काफी अंतर देखने को मिला।
विश्वविद्यालय दोबारा जांचेगा उत्तरपुस्तिकाएं
विद्यार्थियों की शिकायत को देखते हुए विश्वविद्यालय ने एलएलबी सेकंड सेमेस्टर की उत्तरपुस्तिकाओं की सैंपलिंग कराने का निर्णय लिया है। परीक्षा नियंत्रक के अनुसार चयनित कॉपियों को विषय विशेषज्ञों से दोबारा जांचवाया जाएगा और इस प्रक्रिया को करीब 10 दिन में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। जांच के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। चौथे सेमेस्टर के कुछ विद्यार्थियों की शिकायतों को लेकर भी दोबारा मूल्यांकन के लिए विषय विशेषज्ञों की समिति बनाए जाने की जानकारी दी गई है।
कॉपी देखने की प्रक्रिया पर भी विद्यार्थियों की आपत्ति
छात्रों ने रिव्यू के दौरान उत्तरपुस्तिका देखने के लिए मिलने वाले समय को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कॉपी देखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाता। विश्वविद्यालय की ओर से मूल्यांकन केंद्र के प्रभारी को विद्यार्थियों के साथ उचित व्यवहार और प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं छठे सेमेस्टर के रिव्यू परिणाम को लेकर भी विद्यार्थी अपडेट का इंतजार कर रहे हैं।










