इंदौर। पातालपानी-कालाकुंड की खूबसूरत वादियों में सफर करने का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। ऐतिहासिक हेरिटेज ट्रेन जल्द एक बार फिर पटरी पर लौटने वाली है। ट्रेन के लिए बीकानेर में मरम्मत किए गए 12 कोच इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन पहुंच चुके हैं। अब रेलवे की ओर से इन कोच को पातालपानी ले जाकर तकनीकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो करीब एक सप्ताह के भीतर यात्रियों को इस रोमांचक रेल यात्रा का आनंद मिलने लगेगा।
पातालपानी पहुंचने के बाद होगा ट्रायल
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लक्ष्मीबाई नगर से कोच को महू के रास्ते पातालपानी ले जाया जाएगा। वहां क्रेन की सहायता से कोच को ट्रैक पर रखा जाएगा और इंजन के साथ उनकी तकनीकी फिटिंग व अलाइनमेंट किया जाएगा। इसके बाद ट्रायल रन किया जाएगा। इस दौरान ट्रेन के कोच, ट्रैक, संचालन व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होगी। परीक्षण सफल रहने पर नियमित सेवा शुरू करने की दिशा में अंतिम प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
1878 से जुड़ा है इस रेल मार्ग का इतिहास
पातालपानी और कालाकुंड के बीच मौजूद करीब 9.5 से 10 किलोमीटर लंबा मीटरगेज रेलखंड ऐतिहासिक महत्व रखता है। इसका निर्माण 19वीं सदी में हुआ था और वर्ष 1878 में यह रेल लाइन पूरी हुई थी। इस मार्ग को इंदौर रियासत के समय विकसित किया गया था। बाद में यह राजपूताना-मालवा रेलवे व्यवस्था का हिस्सा बना और आगे चलकर ऐतिहासिक महू-खंडवा मीटरगेज मार्ग से जुड़ा रहा।
इस रेलखंड को इसकी ऐतिहासिक और प्राकृतिक विशेषताओं के कारण संरक्षित रखा गया। वर्ष 2018 में रेलवे ने यहां हेरिटेज ट्रेन की शुरुआत की थी। पहली हेरिटेज ट्रेन 25 दिसंबर 2018 को संचालित की गई थी। इसके बाद यह ट्रेन पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई।
सुरंगों, पुलों और घाटियों से होकर गुजरता है सफर
पातालपानी-कालाकुंड रेल यात्रा सामान्य ट्रेन सफर से काफी अलग मानी जाती है। इस छोटे से रेलखंड में चार सुरंगें, करीब 24 घुमावदार मोड़, छह बड़े पुल और लगभग 35 छोटे पुल हैं। रास्ते में एक ओर पहाड़ी क्षेत्र और जंगल दिखाई देते हैं तो दूसरी तरफ घाटियां और प्राकृतिक झरने यात्रियों को आकर्षित करते हैं। बारिश के मौसम में हरियाली और झरनों के कारण इस पूरे मार्ग का दृश्य और भी मनमोहक हो जाता है।
पहले अलग-अलग श्रेणी के कोच के साथ चली थी ट्रेन
पिछले वर्ष हेरिटेज ट्रेन में एसी चेयरकार के दो कोच और सामान्य चेयरकार के चार कोच शामिल थे। उस समय एसी श्रेणी में एक तरफ का किराया 265 रुपये और सामान्य चेयरकार का किराया 20 रुपये निर्धारित किया गया था। हालांकि इस बार ट्रेन के संचालन से पहले रेलवे की ओर से कोच व्यवस्था, किराया और समय-सारिणी की आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।
इस बार संचालन में क्यों हुई देरी
पिछले साल हेरिटेज ट्रेन का संचालन जुलाई के अंत से नवंबर के मध्य तक किया गया था। ट्रेन का संचालन शुक्रवार से रविवार तक रखा गया था। इस बार कोचों की मरम्मत में अपेक्षाकृत अधिक समय लगने के कारण सेवा शुरू होने में देरी हुई है। अब मरम्मत किए गए 12 कोच इंदौर पहुंच चुके हैं, इसलिए ट्रेन के जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
यदि ट्रायल रन और सुरक्षा जांच में कोई तकनीकी समस्या सामने नहीं आती है, तो अगले कुछ दिनों में पातालपानी-कालाकुंड मार्ग पर एक बार फिर हेरिटेज ट्रेन की सीटी सुनाई दे सकती है। इससे इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के पर्यटकों को बारिश के मौसम में पहाड़ियों, जंगलों और झरनों के बीच ऐतिहासिक रेल सफर का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।










