इंदौर के रेडिसन चौराहे को जाम से मिलेगी बड़ी राहत, 60 करोड़ की लागत से बनेगा 4-लेन फ्लाईओवर; रोज गुजरते हैं 1.75 लाख से ज्यादा वाहन

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इंदौर के व्यस्त रेडिसन चौराहे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की तैयारी की जा रही है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने यहां करीब 60 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 4-लेन फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार की है। प्रस्तावित ब्रिज के शुरू होने के बाद पीक आवर्स में चौराहे पर लगने वाले जाम से करीब 40 से 45 प्रतिशत तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

596 मीटर लंबा होगा नया फ्लाईओवर

प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई लगभग 596 मीटर और चौड़ाई करीब 15 से 16 मीटर रखी जाएगी। चौराहे के ऊपर लगभग 70 मीटर का स्टील गर्डर स्पैन तैयार करने की योजना है। यह ब्रिज एमआर-10 पर विजय नगर से स्टार चौराहे की दिशा में जाने वाले मार्ग पर मेट्रो ट्रैक के एक तरफ बनाया जाएगा। मौजूदा समय में इस मार्ग पर प्रतिदिन करीब पौने दो लाख से अधिक वाहन आवाजाही करते हैं, जिसके कारण व्यस्त समय में यहां ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ जाता है।

मेट्रो लाइन के साथ तालमेल बैठाकर तैयार होगा डिजाइन

फ्लाईओवर की डिजाइनिंग में मेट्रो ट्रैक और मौजूदा सड़क व्यवस्था को ध्यान में रखा गया है। विजय नगर की ओर से आने वाली फ्लाईओवर की भुजा मेट्रो ट्रैक के बाईं ओर से आगे बढ़ेगी और करीब 200 मीटर बाद मेट्रो के तीन पिलरों के बीच से निकलते हुए मुख्य सड़क से जुड़ जाएगी। दूसरी ओर स्टार चौराहे की दिशा वाली भुजा एमआर-10 के मध्य हिस्से में उतरेगी और आगे दो-दो लेन में विभाजित होगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को बेहतर तरीके से निकालना है।

ग्रीन बेल्ट की जमीन का भी होगा इस्तेमाल

प्रोजेक्ट के लिए विजय नगर से रेडिसन की ओर मौजूद करीब 300 मीटर लंबे ग्रीन बेल्ट के हिस्से का उपयोग सड़क विस्तार में किया जाएगा। योजना के अनुसार खजराना और निपानिया की तरफ जाने वाला ट्रैफिक नीचे की करीब तीन लेन वाली सड़क से निकल सकेगा, जबकि बायपास की ओर जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर का उपयोग करने का विकल्प मिलेगा। ब्रिज के नीचे भी करीब 10 से 12 मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध रखने की योजना है, जिससे स्थानीय और अन्य दिशाओं के वाहनों की आवाजाही जारी रह सके।

अंडरपास की जगह फ्लाईओवर को माना गया बेहतर विकल्प

रेडिसन चौराहे पर अंडरपास बनाना तकनीकी रूप से आसान नहीं है। क्षेत्र में जमीन के नीचे करीब 1200 एमएम व्यास की मुख्य ड्रेनेज लाइन के साथ गैस पाइपलाइन भी मौजूद है। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन की एंट्री-एग्जिट और ऊंची मेट्रो लाइन के कारण रिंग रोड के समानांतर सामान्य तरीके से ब्रिज बनाने में भी दिक्कतें हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए फ्लाईओवर के इस विशेष डिजाइन को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

आने वाले समय में और बढ़ सकता है ट्रैफिक दबाव

बायपास और एमआर-10 क्रॉसिंग से जुड़े निर्माण कार्य पूरे होने तथा कुमेड़ी आईएसबीटी के संचालन के बाद इस क्षेत्र में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। भोपाल रूट की बसों और दूसरे वाहनों के कारण रेडिसन चौराहे पर ट्रैफिक में 20 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में प्रस्तावित 4-लेन फ्लाईओवर को भविष्य के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।

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