अंतिम सोमवार पर भोपाल के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की तैयारी, बड़वाले महादेव मंदिर में फूल-पत्तियों से सजेगा परिसर और गर्भगृह को दिया जाएगा नील सरोवर जैसा स्वरूप
भोपाल में श्रावण मास के अंतिम सोमवार को लेकर शिव भक्तों में खास उत्साह है। शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां की गई हैं। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू होने की उम्मीद है। पूरे शहर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच धार्मिक माहौल नजर आएगा।
बड़वाले महादेव मंदिर में खास रहेगा हरित श्रृंगार
पुराने शहर के प्रसिद्ध श्री बड़वाले महादेव मंदिर में श्रावण के अंतिम सोमवार पर विशेष सजावट आकर्षण का केंद्र रहेगी। मंदिर परिसर को फूलों और हरी पत्तियों से सजाकर बगीचे जैसा रूप देने की तैयारी है। इस विशेष सजावट को हरित श्रृंगार का स्वरूप दिया जाएगा, जिससे मंदिर का वातावरण प्राकृतिक और भव्य दिखाई देगा। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में विशेष दर्शन और पूजा की व्यवस्था रहेगी।
गर्भगृह में दिखेगा नील सरोवर जैसा दृश्य
अंतिम सोमवार की विशेष तैयारियों के तहत मंदिर के गर्भगृह को नील सरोवर की थीम पर सजाने की योजना है। धार्मिक आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए बाबा महादेव के श्रृंगार के साथ आसपास का वातावरण भी विशेष रूप से तैयार किया जाएगा। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार इस बार सजावट में प्रकृति और जल तत्व की झलक देखने को मिलेगी।
नर्मदा जल से होगा रुद्राभिषेक
श्रावण सोमवार के अवसर पर भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक भी किया जाएगा। इसके लिए नील सरोवर और नर्मदा जल का उपयोग किए जाने की तैयारी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इसी वजह से अंतिम सोमवार पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है।
नाव में विराजेंगे माता गौरा और बाबा बटेश्वर
बड़वाले महादेव मंदिर की सजावट में इस बार एक और विशेष आकर्षण जोड़ा जाएगा। आयोजन के दौरान माता गौरा और बाबा बटेश्वर को नाव में विराजमान करने की तैयारी है। मंदिर की सजावट, हरियाली और जल थीम के साथ यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बन सकता है।










