MP में मिलावट पर बड़ा एक्शन: 11.73 लाख किलो खाद्य सामग्री जब्त, घी के 25 ब्रांड जांच में असुरक्षित मिले

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दूध और उससे बने उत्पादों की जांच के लिए चल रहे विशेष अभियान में सामने आई बड़ी गड़बड़ी, 4,642 सैंपल लिए गए; करोड़ों रुपये की संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त

मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध और अमानक उत्पाद सामने आए हैं। दूध, घी और दूध से बने अन्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच के लिए प्रदेशभर में सैंपल लिए जा रहे हैं। अब तक 4,642 नमूने जांच के लिए जुटाए गए हैं, जिनमें से 680 की जांच पूरी हो चुकी है। जांच किए गए नमूनों में 174 सैंपल तय मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि घी के 25 अलग-अलग ब्रांड के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।

पांच करोड़ से ज्यादा की सामग्री जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में अब तक करीब 5 करोड़ 61 लाख रुपये मूल्य की 11 लाख 73 हजार किलो खाद्य सामग्री को मिलावट की आशंका के चलते जब्त किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई केवल दूध और घी तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न खाद्य उत्पादों की भी जांच की जा रही है। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 18 उत्पादकों के रजिस्ट्रेशन भी रद्द किए जा चुके हैं।

दूध से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता पर भी विभाग की नजर है। एनालॉग पनीर पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद प्रदेश में 10,835 किलो पनीर भी जब्त किया गया है। विभाग का उद्देश्य बाजार में ऐसे उत्पादों की बिक्री को रोकना है, जिनकी गुणवत्ता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

25 घी ब्रांड के सैंपल असुरक्षित

अभियान के दौरान जांचे गए घी के 25 ब्रांड के नमूनों को असुरक्षित श्रेणी में रखा गया है। विभाग के मुताबिक, ऐसे सैंपलों में बाहरी या अवांछित पदार्थ पाए जाने की स्थिति सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन उत्पादों के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के तहत लिए गए नमूनों में 2,605 सैंपल विधिक कार्रवाई के उद्देश्य से लिए गए हैं, जबकि बाकी नमूने निगरानी के लिए जुटाए गए हैं। जांच के बाद अमानक पाए गए उत्पादों से जुड़े निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ न्यायालय में मामले प्रस्तुत किए जाएंगे।

दूसरे राज्यों से आने वाले उत्पादों पर भी नजर

जांच के दौरान अधिकारियों को नागपुर से बसों के जरिए दूध, मावा, केक और अन्य खाद्य सामग्री के परिवहन से जुड़े प्रमाण मिले हैं। इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से नागपुर कलेक्टर को पत्र भेजकर ऐसे परिवहन पर प्रभावी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

इसी तरह गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक डेयरी उत्पाद निर्माता का घी भी जांच में असुरक्षित पाया गया। इस मामले में गुजरात के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को पत्र भेजकर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान

प्रदेश में चल रहा यह विशेष अभियान अभी जारी है। विभाग का फोकस दूध और उससे बने उत्पादों के साथ-साथ बाजार में बिकने वाली अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने पर भी है। आने वाले दिनों में और सैंपलों की जांच पूरी होने के बाद अमानक या असुरक्षित उत्पादों से जुड़े मामलों की संख्या बढ़ सकती है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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