इंदौर। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच इंदौर क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों और डिवाइस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 80 मोबाइल नंबर और 15 IMEI नंबर ब्लॉक करवाए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नेटवर्क को रोकना है।
शिकायतों और तकनीकी डेटा से संदिग्ध नंबरों की पहचान
साइबर सेल ने आई4सी और गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों से जुड़े डेटा की जांच की। विश्लेषण के दौरान ऐसे मोबाइल नंबर सामने आए, जिनका उल्लेख अलग-अलग साइबर अपराध की शिकायतों में बार-बार हुआ था। इन नंबरों को संदिग्ध मानते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई के लिए चिह्नित किया गया।
अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे थे ठग
जांच में सामने आया कि कुछ संदिग्ध नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग, नौकरी या वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड और संदिग्ध लिंक भेजने जैसी गतिविधियों में किया जा रहा था। साइबर सेल ने इन नंबरों की जानकारी जुटाकर उन्हें ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी की। इसके साथ ही जिन मोबाइल उपकरणों का इस्तेमाल साइबर अपराध में किया गया था, उनकी पहचान कर 15 IMEI नंबर भी ब्लॉक करवाए गए।
नंबर बदलने के बाद भी ठगी करना आसान नहीं होगा
साइबर अपराधी अक्सर कार्रवाई से बचने के लिए एक मोबाइल नंबर बंद करके दूसरा नंबर इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ मोबाइल नंबर को ब्लॉक करना पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि उसी डिवाइस में दूसरी सिम का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी वजह से साइबर सेल ने नंबर के साथ-साथ संबंधित मोबाइल डिवाइस के IMEI की पहचान पर भी कार्रवाई की। इससे ऐसे उपकरणों के दोबारा साइबर अपराध में इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
63 लोगों को वापस मिले गुम हुए मोबाइल
इसी कार्रवाई के बीच क्राइम ब्रांच की ओर से 63 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल फोन भी वापस सौंपे गए। जोन-2 के डीसीपी अमनसिंह राठौड़ ने गुरुवार को मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए। रक्षाबंधन से ठीक पहले मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। कई लोगों ने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, ऐसे में फोन वापस मिलने से उन्हें राहत मिली।










