इंदौर में रक्षाबंधन पर खजराना गणेश को चढ़ी 40×40 इंच की अनोखी ‘सनातन राखी’, राष्ट्रभाव और संस्कृति की थीम ने खींचा लोगों का ध्यान

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रक्षाबंधन के अवसर पर इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में इस बार खास तरह की राखी अर्पित की गई। शहर में तैयार की गई करीब 40×40 इंच आकार की ‘सनातन राखी’ को भगवान खजराना गणेश को समर्पित किया गया। इस राखी को मातृश्री पालरेचा परिवार ने तैयार कराया है। इसके साथ ही इसे अलीजा सरकार हनुमान मंदिर समेत शहर के पांच मंदिरों में भी अर्पित किया गया। उज्जैन के महाकाल मंदिर, चिंतामन गणेश और छोटा गणपति को भी यह राखी समर्पित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

राष्ट्रभाव और सनातन संस्कृति को दिया गया विशेष स्थान

इस विशेष राखी की डिजाइन में धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रीय चेतना और सनातन परंपरा से जुड़े प्रतीकों को प्रमुखता दी गई है। आयोजकों के अनुसार, ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने की थीम को ध्यान में रखते हुए राखी को राष्ट्रभाव से जोड़ा गया है। गुरुवार को इस राखी को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक मालिनी गौड़, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता समेत बाजार से जुड़े कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। राखी के आकार और इसकी विशेष थीम ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

रक्षाबंधन पर दिनभर राखी बांधने का शुभ अवसर

इस वर्ष रक्षाबंधन श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जा रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9:48 बजे तक रहेगी। भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने के कारण राखी बांधने के लिए दिनभर का समय उपलब्ध रहेगा। ज्योतिर्विदों के अनुसार रक्षाबंधन के लिए दोपहर के समय को विशेष माना जाता है, हालांकि उदयातिथि के आधार पर पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।

इन समयों को बताया गया विशेष

पंचांग के अनुसार सुबह 6:23 से 9:48 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए श्रेष्ठ बताया गया है। इसके अलावा दोपहर 12:14 से 1:05 बजे तक अभिजित मुहूर्त और शाम 6:57 से 7:19 बजे तक गोधूलि मुहूर्त रहेगा। चौघड़िया के अनुसार सुबह 7:57 से 9:31 बजे तक लाभ, 9:32 से 11:05 बजे तक अमृत, दोपहर 12:40 से 2:14 बजे तक शुभ और शाम 5:22 से 6:57 बजे तक चर का समय बताया गया है। वहीं सुबह 11:06 से दोपहर 12:40 बजे तक राहुकाल रहेगा, जिसमें राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है।

भारत में चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा

रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण होने की भी जानकारी दी गई है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। पुजारी केशव गुरु के अनुसार, ग्रहण का धार्मिक प्रभाव स्थानीय स्तर पर उसकी दृश्यता से जुड़ा माना जाता है। इंदौर में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां इसका धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाएगा। वहीं शुक्रवार और पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का संयोग होने को ज्योतिषीय दृष्टि से सुख, सौहार्द, प्रेम और पारिवारिक समृद्धि से जुड़ा बताया गया है।

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