भोपाल के ऐशबाग ओवरब्रिज का खतरनाक 90 डिग्री मोड़ बनेगा सुरक्षित, ₹1 करोड़ से बदलेगा डिजाइन; 2 नए पिलर भी बनेंगे

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एक साल से बना हुआ है सुरक्षा का सवाल

भोपाल के ऐशबाग ओवरब्रिज का करीब 90 डिग्री का तीखा मोड़ लंबे समय से वाहन चालकों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। राजगढ़ के ब्यावरा में पुल के खतरनाक मोड़ पर हुए हादसे के बाद ऐशबाग ब्रिज की डिजाइन को लेकर भी सवाल फिर उठने लगे हैं। करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस ओवरब्रिज को बने लगभग एक साल हो चुका है, लेकिन इसके मोड़ को लेकर बताई जा रही तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया था।

अब करीब ₹1 करोड़ से होगा सुधार

खतरनाक मोड़ को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए अब करीब एक करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। नए डिजाइन के मुताबिक मोड़ का रेडियस बढ़ाया जाएगा, जिससे वाहनों को अचानक तीखा घुमाव लेने की स्थिति कम होगी। इसके साथ ही ओवरब्रिज के प्रवेश और निकास वाले हिस्से में कैरिजवे को भी चौड़ा किया जाएगा। सुधार कार्य के तहत दो नए पिलर बनाए जाने की योजना है। नए डिजाइन को केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) की तकनीकी सलाह के आधार पर तैयार किया जा रहा है।

डिजाइन को लेकर पहले भी उठे थे सवाल

ऐशबाग आरओबी की डिजाइन सामने आने के बाद जून 2025 में इसके निर्माण से जुड़े पीडब्ल्यूडी के सात इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई थी। निर्माण एजेंसी को भी ब्लैकलिस्ट किया गया था। हालांकि बाद में मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और मैनिट की जांच में निर्माण को स्वीकृत ड्राइंग के अनुरूप पाया गया। इसके बाद निर्माण एजेंसी की ब्लैकलिस्टिंग खत्म कर दी गई और निलंबित किए गए इंजीनियरों को भी बहाल कर दिया गया। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि स्वीकृत डिजाइन में ही वाहन सुरक्षा से जुड़ी समस्या थी, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किस स्तर पर तय होनी चाहिए थी।

जनता के पैसे से फिर खर्च होंगे करोड़ों

ऐशबाग ओवरब्रिज के निर्माण पर पहले ही करीब 18 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब उसी ढांचे में बदलाव और सुरक्षा सुधार के लिए लगभग एक करोड़ रुपये अतिरिक्त लगाए जाएंगे। मौजूदा मोड़ का रेडियस करीब 10.5 मीटर बताया गया है, जिसे नए डिजाइन में बढ़ाया जाएगा। साथ ही मोड़ के प्रवेश और निकास हिस्से में सड़क की चौड़ाई लगभग 3 से 3.5 फीट तक बढ़ाने की योजना है। दो नए पिलर बनने के बाद ब्रिज के इस हिस्से की संरचना में भी बदलाव होगा।

सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा और जवाबदेही का

नए सुधार से उम्मीद है कि ऐशबाग ओवरब्रिज का तीखा मोड़ वाहन चालकों के लिए पहले की तुलना में सुरक्षित होगा। हालांकि इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल अब भी बना हुआ है—जब ब्रिज की डिजाइन और निर्माण पर पहले ही सवाल उठ चुके थे, तो समस्या को दूर करने में इतना समय क्यों लगा? साथ ही, यदि अब अतिरिक्त धनराशि खर्च करके डिजाइन में बदलाव जरूरी माना जा रहा है, तो शुरुआती योजना और उसकी मंजूरी की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत भी सामने आती है।

ऐशबाग ओवरब्रिज की मुख्य जानकारी

  • निर्माण लागत: करीब ₹18 करोड़
  • लंबाई: लगभग 648 मीटर
  • चौड़ाई: करीब 8.5 मीटर, दो लेन
  • निर्माण पूरा: जून 2025
  • प्रस्तावित सुधार: करीब ₹1 करोड़
  • मुख्य बदलाव: मोड़ का रेडियस बढ़ाना, कैरिजवे चौड़ा करना और 2 नए पिलर बनाना

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