भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। प्रदेश के शासकीय हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट से जुड़ा व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश के 1,848 चयनित ICT स्कूलों में विद्यार्थियों को AI की शुरुआती जानकारी और उससे जुड़े व्यावहारिक कौशल सिखाए जाएंगे। पाठ्यक्रम की ऑनलाइन कक्षाएं 1 सितंबर 2026 से शुरू करने की तैयारी है।
ICT लैब वाले स्कूलों में शुरू होगा AI पाठ्यक्रम
यह नया पाठ्यक्रम उन्हीं शासकीय विद्यालयों में संचालित किया जाएगा, जहां ICT लैब की सुविधा उपलब्ध है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से इसके संचालन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यार्थियों को AI से संबंधित पाठ ऑनलाइन वीडियो के माध्यम से पढ़ाए जाएंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग के विमर्श पोर्टल और स्मार्ट क्लास की सुविधा का इस्तेमाल किया जाएगा। सप्ताह में तीन दिन विद्यार्थियों की कक्षाएं निर्धारित समय-सारणी के अनुसार होंगी, जिसमें नए पाठ के साथ विद्यार्थियों की शंकाओं पर भी चर्चा की जाएगी।
वीडियो क्लास के साथ प्रैक्टिकल और रिवीजन पर भी जोर
AI पाठ्यक्रम में केवल ऑनलाइन वीडियो दिखाने तक ही पढ़ाई सीमित नहीं रहेगी। वीडियो में पढ़ाए गए विषयों से संबंधित अभ्यास और प्रयोगात्मक गतिविधियां भी विद्यार्थियों से कराई जाएंगी। सप्ताह के दौरान पढ़ाए गए दोनों प्रमुख वीडियो से जुड़े अभ्यास के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है, जबकि शनिवार को पूरे सप्ताह में पढ़ाई गई विषयवस्तु की पुनरावृत्ति कराई जाएगी। यदि किसी तकनीकी समस्या के कारण किसी दिन वीडियो कक्षा नहीं हो पाती है, तो उसे अगले कार्य दिवस में पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों को कठिन लगने वाले पाठ को विमर्श पोर्टल से दोबारा डाउनलोड करके दिखाने की व्यवस्था भी रखी गई है।
1848 स्कूलों की सूची में किया गया बदलाव
AI पाठ्यक्रम के लिए तैयार की गई सूची में संशोधन भी किया गया है। प्रारंभिक चयन के बाद कुछ विद्यालयों को अलग-अलग कारणों से सूची से बाहर किया गया है। जानकारी के अनुसार 24 ICT लैब को दूसरे ICT स्कूलों में स्थानांतरित किया गया है। वहीं 48 विद्यालयों के CBSE से संचालित होने के कारण उन्हें सूची से हटाया गया। इसके अलावा मध्य प्रदेश ओपन स्कूल के माध्यम से पहले से AI पाठ्यक्रम चला रहे 42 विद्यालय भी नई सूची में शामिल नहीं किए गए। 15 अन्य स्कूलों में ICT लैब उपलब्ध नहीं होने या वहां पहले से IT एवं IT आधारित सेवाओं का ट्रेड संचालित होने के कारण उन्हें भी सूची से बाहर किया गया है।
शिक्षकों और प्राचार्य की रहेगी अहम भूमिका
AI की पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और कक्षा में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य और ICT प्रशिक्षक की होगी। विद्यार्थियों की विषय संबंधी जिज्ञासाओं और समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित शिक्षक तथा कंप्यूटर प्रशिक्षक सहयोग करेंगे। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही AI और नई तकनीक की बुनियादी समझ देना है, ताकि आगे की पढ़ाई और रोजगार से जुड़े तकनीकी कौशल विकसित करने में उन्हें मदद मिल सके।










