इंदौर की ट्रैफिक व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, जाम वाले पॉइंट सुधरेंगे; मेट्रो, बस और रेल को जोड़ने का तैयार हुआ मास्टर प्लान

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तीन चरणों में ट्रैफिक सुधार की तैयारी

इंदौर में लगातार बढ़ते वाहनों और सड़कों पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन, नगर निगम और पुलिस मिलकर काम करेंगे। प्रस्तावित योजना में पहले चरण के दौरान उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सड़क की संरचना, संकरे मोड़ और अन्य बाधाओं के कारण सबसे ज्यादा ट्रैफिक रुकता है। इसके बाद सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करते हुए शहर के अलग-अलग साधनों को आपस में जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा।

योजना के तहत प्रमुख चौराहों की डिजाइन में सुधार, लेफ्ट टर्न चौड़े करने, ट्रैफिक बाधित करने वाले बॉटलनेक खत्म करने और महत्वपूर्ण मार्गों को अतिक्रमण से मुक्त कराने पर जोर रहेगा। सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग को नियंत्रित करने के साथ ही व्यावसायिक इलाकों में यातायात संचालन को बेहतर बनाने की तैयारी भी की जा रही है।

इंजीनियरिंग, सख्ती और जागरूकता के आधार पर बनेगी रणनीति

शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए थ्री-ई मॉडल अपनाने की योजना बनाई गई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा इंजीनियरिंग सुधारों का होगा। चौराहों को नए तरीके से विकसित करने, सड़कों की खामियां दूर करने, फ्लाईओवर निर्माण और यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए जरूरी ढांचागत बदलाव किए जाएंगे।

इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल चालान और अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। तीसरे स्तर पर नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में अभियान चलाने की तैयारी है।

पहले चरण में जाम के मुख्य कारणों पर होगा सीधा फोकस

कार्ययोजना के शुरुआती चरण में शहर के उन प्रमुख स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां रोजाना वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। गलत रोड डिजाइन, संकरे मोड़ और अतिक्रमण से प्रभावित हिस्सों में सुधार किया जाएगा। मुख्य मार्गों पर अनियंत्रित पार्किंग को सीमित करने और पीक टाइम के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की भी योजना है।

लोडिंग और अनलोडिंग जैसी गतिविधियों को व्यस्त समय के बजाय रात के समय कराने पर विचार किया जा रहा है, ताकि दिन के समय मुख्य सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो। आवारा पशुओं और सड़क पर होने वाले अतिक्रमण को हटाने के लिए भी अभियान तेज किया जाएगा।

सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के साथ बनेगा इंटीग्रेटेड नेटवर्क

इंदौर के भविष्य के ट्रैफिक प्लान में सार्वजनिक परिवहन को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। शहर में बस सेवाओं की संख्या बढ़ाने और बाहरी क्षेत्रों से आने वाली इंटरसिटी बसों को शहर के अंदर तक पहुंचने से रोकने की योजना है। इसके लिए बाहरी बस टर्मिनलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने पर काम किया जाएगा।

लंबी अवधि की योजना में मेट्रो, सिटी बस और उपनगरीय रेल जैसी सेवाओं को एकीकृत परिवहन नेटवर्क के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इससे यात्रियों को एक साधन से दूसरे साधन तक आसानी से पहुंचने की सुविधा मिल सकेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद है।

फ्लाईओवर, पैदल यात्रियों और साइकिल ट्रैक पर भी नजर

शहर में वाहनों की औसत गति बढ़ाने के लिए कई नए फ्लाईओवर और सड़क सुधार परियोजनाओं पर काम करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा पैदल चलने वालों और साइकिल उपयोगकर्ताओं के लिए भी सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल जाम हटाना नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इंदौर के लिए एक आधुनिक और व्यवस्थित ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करना है। यदि योजना तय समय पर लागू होती है तो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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