भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, सड़क अधोसंरचना, तकनीकी शिक्षा और प्रशासन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल के पश्चिमी बाइपास की संशोधित योजना को स्वीकृति देने के साथ ही राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के पुनर्गठन और एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी की सलाहकार नियुक्ति को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के इन निर्णयों का सीधा असर भोपाल की यातायात व्यवस्था, तकनीकी शिक्षा के विस्तार और प्रशासनिक समन्वय पर पड़ने की संभावना है।
भोपाल पश्चिमी बाइपास की नई योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने भोपाल पश्चिमी बाइपास परियोजना की संशोधित लागत और नए स्वरूप को मंजूरी दे दी है। पहले प्रस्तावित बाइपास की लंबाई करीब 41 किलोमीटर रखी गई थी, लेकिन संशोधित योजना के बाद इसकी कुल लंबाई घटाकर लगभग 35 किलोमीटर कर दी गई है।
इस सड़क परियोजना के पूरा होने से जबलपुर की ओर से इंदौर जाने वाले वाहनों को राजधानी के आसपास से बेहतर और तेज मार्ग मिल सकेगा। अनुमान है कि यात्रियों को करीब 21 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने से राहत मिल सकती है।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए रातापानी वन क्षेत्र में विशेष अंडरपास बनाने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि सड़क निर्माण से वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो।
दिल्ली में रहेगा नए सलाहकार का मुख्यालय
कैबिनेट बैठक में प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय और मार्गदर्शन के उद्देश्य से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साईं मनोहर को सलाहकार नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई है।
नई जिम्मेदारी के तहत उनका मुख्यालय दिल्ली में रहेगा। माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य स्तर पर विभिन्न प्रशासनिक मामलों में समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
RGPV का होगा पुनर्गठन, तीन शहरों में बनेंगे विश्वविद्यालय
मध्य प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पुनर्गठन का फैसला किया है। प्रस्ताव के अनुसार RGPV की मौजूदा संरचना को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों के रूप में विकसित किया जाएगा।
इन विश्वविद्यालयों के मुख्यालय भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में स्थापित किए जाने की योजना है। सरकार का मानना है कि इससे तकनीकी और उच्च शिक्षा के संचालन में विकेंद्रीकरण होगा तथा अलग-अलग क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
नई व्यवस्था में कौशल विकास को भी शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। तकनीकी शिक्षा के साथ स्किल डेवलपमेंट को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे छात्रों को रोजगार और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके।
कैबिनेट के फैसलों से विकास और शिक्षा पर फोकस
मोहन सरकार के इन फैसलों को सड़क कनेक्टिविटी, पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक व्यवस्था और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पश्चिमी बाइपास से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, जबकि RGPV के पुनर्गठन से प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का दायरा बढ़ने की संभावना है।










