बारिश और उमस के बीच बढ़ी सतर्कता, जलभराव वाले इलाकों में छोड़ी गईं 60 हजार गंबूसिया मछलियां
भोपाल। बारिश के मौसम और बढ़ती उमस के बीच राजधानी में मच्छरजनित बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शहर में चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़कर 23 पहुंच गई है, जबकि डेंगू के मामलों का आंकड़ा फिलहाल 71 पर बना हुआ है। राहत की बात यह है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दोनों बीमारियों के मामले कम बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और लार्वा नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से सितंबर के शुरुआती दिनों तक चिकनगुनिया की जांच के लिए सैकड़ों नमूनों की जांच की गई, जिनमें अब तक 23 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।
पिछले साल के मुकाबले चिकनगुनिया के मामले कम
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष इसी अवधि में चिकनगुनिया के संक्रमित मरीजों की संख्या इस वर्ष की तुलना में अधिक थी। इस बार अब तक संक्रमण के मामलों में कमी दर्ज की गई है। वहीं जुलाई और अगस्त के दौरान तेजी से सामने आए डेंगू के नए मामलों की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ी है और कुल संख्या 71 पर बनी हुई है।
हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बारिश का मौसम समाप्त होने तक सतर्कता जरूरी है, क्योंकि जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है।
3 लाख घरों तक पहुंचा लार्वा सर्वे अभियान
मच्छरों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने शहर में बड़े स्तर पर लार्वा सर्वे अभियान चलाया है। अब तक करीब तीन लाख घरों की जांच की जा चुकी है। टीमों द्वारा घरों, कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने की कार्रवाई की जा रही है।
जलभराव और स्थायी जलस्रोतों वाले क्षेत्रों में जैविक तरीके से मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए लगभग 60 हजार गंबूसिया मछलियां भी छोड़ी गई हैं। ये मछलियां मच्छरों के लार्वा को खाकर उनके प्रजनन को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं।
लोगों को जागरूक करने पर भी जोर
स्वास्थ्य विभाग केवल सर्वे और लार्वा नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियों, शिविरों और कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए सरकारी प्रयासों के साथ नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। नियमित सफाई, पानी जमा न होने देना और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।










