सावन के पहले सोमवार पर शिवमय हुआ देश, महाकाल से काशी तक उमड़ा आस्था का सैलाब, मंदिरों में सुबह से लंबी कतारें

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देशभर के शिवालयों में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

सावन माह के पहले सोमवार पर सोमवार सुबह से ही देशभर में भक्ति और आस्था का अद्भुत माहौल देखने को मिला। भगवान शिव के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सुबह से ही जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा विशेष पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया। कई स्थानों पर भक्त देर रात से ही दर्शन के लिए कतारों में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठे, जबकि प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए।

महाकाल, काशी, बैद्यनाथ और अन्य प्रमुख मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में तड़के विशेष भस्म आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में मंगला आरती के बाद दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहा। झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम, ओडिशा के लोकनाथ मंदिर और दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर सहित देश के कई प्रमुख शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते नजर आए।

सावन सोमवार का धार्मिक महत्व और आगे की तिथियां

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है और सोमवार का दिन विशेष रूप से भोलेनाथ को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, पूजा और जलाभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वर्ष 2026 में सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को मनाया जा रहा है। इसके बाद दूसरा सोमवार 10 अगस्त, तीसरा सोमवार 17 अगस्त और चौथा एवं अंतिम सावन सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा। पूरे सावन माह में देशभर के शिव मंदिरों में धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और विशेष पूजन का क्रम जारी रहेगा।

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