सरकार ने शुरू की हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में निवेश करने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए कंपनी में अपनी 6.5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इस बिक्री के लिए प्रति शेयर 382 रुपये का फ्लोर प्राइस निर्धारित किया गया है, जो हालिया बाजार मूल्य की तुलना में कम है। ऐसे में यह ऑफर कई निवेशकों के लिए आकर्षक माना जा रहा है।
रिटेल और संस्थागत निवेशकों के लिए अलग-अलग तिथियां
सरकार ने OFS प्रक्रिया को दो चरणों में आयोजित करने का फैसला किया है। पहले चरण में संस्थागत और गैर-रिटेल निवेशकों को बोली लगाने का अवसर मिलेगा, जबकि दूसरे चरण में आम रिटेल निवेशक इस ऑफर में हिस्सा ले सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी वर्ग के निवेशकों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
कितनी हिस्सेदारी बिकेगी और क्या है सरकार की योजना
सरकार प्रारंभिक चरण में अपनी एक निश्चित हिस्सेदारी बेच रही है। यदि निवेशकों की ओर से अच्छी मांग मिलती है तो अतिरिक्त शेयर भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया के सफल होने पर सरकार को हजारों करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होने की संभावना है, जिसे विनिवेश कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
SEBI के नियमों के अनुरूप उठाया गया कदम
एलआईसी में फिलहाल सरकार की हिस्सेदारी काफी अधिक है। बाजार नियामक सेबी के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार चरणबद्ध तरीके से अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर नियामकीय शर्तों का पालन किया जा सके।
निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह OFS
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार भाव से कम फ्लोर प्राइस होने के कारण यह ऑफर रिटेल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर साबित हो सकता है। हालांकि निवेश से पहले निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, बाजार के रुझान और अपने निवेश लक्ष्यों का मूल्यांकन करना चाहिए। एलआईसी देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनियों में शामिल है और इसका बाजार पूंजीकरण भी मजबूत माना जाता है, इसलिए इस OFS पर निवेशकों और शेयर बाजार दोनों की नजर बनी हुई है।










