भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सहयोग से राज्य में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित नई राशन वितरण व्यवस्था की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल और इंदौर से की जाएगी। इस नई प्रणाली का उद्देश्य राशन वितरण को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी परेशानी के उनका निर्धारित खाद्यान्न मिल सके।
डिजिटल वॉलेट में मिलेगा मासिक राशन टोकन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र हितग्राहियों को उनकी मासिक राशन पात्रता के अनुसार डिजिटल टोकन सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद राशन लेने के लिए हितग्राही को उचित मूल्य की दुकान पर जाकर वहां मौजूद QR कोड को PNB Digital Rupee मोबाइल ऐप के माध्यम से स्कैन करना होगा। टोकन का सफल सत्यापन होने के बाद निर्धारित मात्रा में गेहूं, चावल और अन्य खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जाएगा।
डिजिटल रुपये का उपयोग केवल राशन लेने तक सीमित रहेगा
इस योजना के तहत जारी किया जाने वाला डिजिटल रुपया सामान्य खरीदारी, बैंक ट्रांसफर या अन्य वित्तीय लेनदेन में उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इसका उपयोग केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन प्राप्त करने के लिए ही मान्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे सब्सिडी का सही लाभ पात्र लोगों तक पहुंचेगा और फर्जीवाड़े या अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
आधार, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर का होगा सत्यापन
नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी लाभार्थियों की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इसके तहत आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर का मिलान किया जाएगा तथा ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया भी पूरी कराई जाएगी। सत्यापन सफल होने के बाद लाभार्थियों को PNB Digital Rupee ऐप पर पंजीकृत किया जाएगा, जिससे वे डिजिटल टोकन के माध्यम से आसानी से राशन प्राप्त कर सकेंगे।
राशन दुकानदारों को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
सरकार केवल लाभार्थियों ही नहीं बल्कि उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों को भी इस नई डिजिटल व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित करेगी। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें QR आधारित भुगतान प्रणाली, डिजिटल टोकन की जांच और राशन वितरण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी ताकि नई व्यवस्था बिना किसी तकनीकी बाधा के सुचारु रूप से संचालित हो सके।










