भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां लगातार बनी हुई हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी है और कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल प्रदेश पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश हो रही है। बुधवार को वर्षा की गतिविधि कुछ कम रही, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार 15 अगस्त से एक नए सिस्टम के प्रभाव के चलते कई क्षेत्रों में फिर से बारिश तेज होने की संभावना है।
कई जिलों में हुई अच्छी बारिश
बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सीहोर में सबसे अधिक 43 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा खरगोन में 38 मिलीमीटर, श्योपुर में 28 मिलीमीटर, खंडवा में 21 मिलीमीटर, छिंदवाड़ा में 16 मिलीमीटर और भोपाल में करीब 15 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। शहडोल में 14 मिलीमीटर और विदिशा में 9.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बारिश की गतिविधियां अधिक बनी हुई थीं।
श्योपुर और शिवपुरी में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को श्योपुर और शिवपुरी के लिए भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का सिलसिला बना रह सकता है और 15 अगस्त के बाद इसमें दोबारा तेजी आने के आसार हैं।
बारिश से दिन के तापमान में आई गिरावट
लगातार बादल और वर्षा के कारण प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य स्तर के आसपास या उससे नीचे दर्ज किया गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इंदौर में दिन का पारा 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ग्वालियर में बारिश नहीं होने के कारण तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा और यहां अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
15 अगस्त से फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 15 अगस्त से प्रदेश में बारिश का एक और दौर जोर पकड़ सकता है। नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने के बाद कई जिलों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी और आसपास के क्षेत्रों में इसका प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि जिलेवार मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। भारी बारिश वाले जिलों में नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना बेहतर रहेगा। वहीं किसानों के लिए भी बारिश की स्थिति महत्वपूर्ण है, इसलिए स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि गतिविधियों की योजना बनाना उपयोगी रहेगा।










