भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में इसकी गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। एक मौसम प्रणाली के प्रभाव से खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में 21 और 22 अगस्त को भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने नरसिंहपुर, पन्ना और टीकमगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के बाकी हिस्सों के लिए येलो अलर्ट दिया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में बारिश का प्रभाव क्षेत्र बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
डिप्रेशन के असर से बदलेगा मौसम
मौसम में यह बदलाव एक सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण हो रहा है। बताया गया है कि डिप्रेशन झारखंड और बिहार से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की ओर पहुंचेगा। इसके बाद इसके कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। इसी सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। मानसून ट्रफ भी इस समय सक्रिय बनी हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं का घेरा भी देखा जा रहा है।
कई जिलों में अभी बारिश की कमी
प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक करीब 573.1 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश लगभग 651.4 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में बारिश करीब 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी लगभग 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 9 प्रतिशत बताई गई है।
मैहर में सबसे ज्यादा बारिश की कमी
बारिश की कमी का असर कई जिलों में साफ दिखाई दे रहा है। मैहर में सामान्य से करीब 58 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा अलीराजपुर में 47 प्रतिशत, रीवा में 46 प्रतिशत, मुरैना में 38 प्रतिशत, नर्मदापुरम में 34 प्रतिशत और पांढुर्ना में 33 प्रतिशत की कमी रही। टीकमगढ़, सागर, धार और जबलपुर में भी सामान्य के मुकाबले कम बारिश दर्ज हुई है।
कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बरसे बादल
प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून ने सामान्य से बेहतर प्रदर्शन किया है। बुरहानपुर में सामान्य से करीब 39 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। खरगोन में यह आंकड़ा 26 प्रतिशत, राजगढ़ में 24 प्रतिशत, जबकि भोपाल और भिंड में करीब 18 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। गुना में भी सामान्य से लगभग 14 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
सीधी में सबसे ज्यादा बारिश
मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हुई। सीधी में करीब 40 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो सबसे अधिक रही। शिवपुरी में 15 मिलीमीटर, रीवा में 7 मिलीमीटर तथा सतना और पचमढ़ी में करीब 2-2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बालाघाट के मलाजखंड में भी हल्की वर्षा दर्ज हुई।
21 और 22 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का प्रभाव काफी बढ़ सकता है। कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और तेज बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।










