इंदौर शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर महापौर परिषद की बैठक में सहमति बनी है। नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में सड़क, संपत्ति कर, बाजार, यातायात सुविधा, कचरा प्रबंधन और शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में खास तौर पर 70 नए गेंट्री गेट, कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड और अवैध कॉलोनियों में स्थित पात्र निजी संपत्तियों के संपत्तिकर खाते खोलने जैसे फैसले चर्चा में रहे।
अवैध कॉलोनियों की संपत्तियों को लेकर अहम फैसला
बैठक में तय किया गया कि अवैध कॉलोनियों में मौजूद ऐसी निजी संपत्तियां, जिनके मालिकाना हक से संबंधित पूरे दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनका संपत्तिकर खाता खोला जा सकेगा। इस व्यवस्था से नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है और पात्र संपत्ति मालिकों को भी कर संबंधी प्रक्रिया में सुविधा मिल सकती है। हालांकि सरकारी या नगर निगम की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। सरकारी जमीन पर कब्जे से जुड़े खातों का प्रस्ताव बैठक में रखा गया था, लेकिन महापौर परिषद ने उसे स्वीकार नहीं किया।
कनाड़िया से खजराना तक लिंक रोड और 70 नए गेंट्री गेट
शहर की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए कनाड़िया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस मार्ग के बनने से आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही शहर में 70 नए गेंट्री गेट लगाए जाएंगे। इन गेंट्री गेट के विज्ञापन अधिकार लंबे समय के लिए दिए जाने की प्रक्रिया ऑनलाइन निविदा के माध्यम से की जाएगी। निगम का उद्देश्य इससे शहर के प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित रूप देने के साथ राजस्व प्राप्त करना भी है।
नामांतरण की प्रक्रिया में आएगी आसानी
संपत्तियों के नामांतरण को लेकर भी बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया। नागरिकों को बार-बार होने वाली दिक्कतों से राहत देने के लिए नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से एक एसओपी तैयार की जाएगी। इसमें आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच और प्रक्रिया पूरी करने तक के नियमों को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित किया जाएगा।
शहर में नए मार्केट और स्ट्रीट फूड हब की तैयारी
नगर निगम की ओर से सुभाष नगर और वल्लभ नगर मार्केट में नए बाजार विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। वहीं अन्नपूर्णा तालाब के पास सराफा की तर्ज पर स्ट्रीट फूड हब विकसित करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। इससे शहरवासियों और बाहर से आने वाले लोगों को एक व्यवस्थित स्थान पर विभिन्न प्रकार के खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।
PPP मॉडल पर होंगे कुछ प्रोजेक्ट
विश्राम बाग परिसर में निर्माणाधीन स्वीमिंग पूल को काम पूरा होने के बाद सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल पर संचालित करने का फैसला लिया गया है। इसी तरह फूटी कोठी फ्लाइओवर के नीचे उपलब्ध खाली जमीन पर स्मार्ट हब विकसित करने और उसके संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी PPP मॉडल के तहत देने की योजना है। देवगुराड़िया में 60 टीपीडी क्षमता वाले नारियल अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए एजेंसी चयन को भी मंजूरी दी गई।
शहर के सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्ताव भी मंजूर
बैठक में शहर के प्रमुख स्थानों को आकर्षक बनाने के लिए कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। पलासिया चौराहे को CSR के माध्यम से विकसित करने और वहां ‘आई लव इंदौर’ के साथ अखंड भारत थीम पर स्मारक तैयार करने की योजना है। राजकुमार ब्रिज के पास प्लेटफार्म 5 और 6 के सामने चंद्रयान की प्रतिकृति के बाकी निर्माण, सौंदर्यीकरण और रखरखाव का काम भी CSR के माध्यम से कराया जाएगा।
गणेशोत्सव और अनंत चतुर्दशी को लेकर भी फैसले
नगर निगम की ओर से अनंत चतुर्दशी पर परंपरागत झांकी चल समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके लिए अनुदान को मंजूरी दी गई है और शहर की मिलों को झांकी निर्माण में अंशदान देने का निर्णय लिया गया। गणेशोत्सव विसर्जन चल समारोह में शामिल अखाड़ों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। यह राशि अब 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये कर दी गई है।
जू का प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ेगा
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय से जुड़े शुल्कों पर भी बैठक में निर्णय लिया गया। कैमरा, मूवी कैमरा और व्यावसायिक फोटोग्राफरों के शुल्क में वृद्धि को मंजूरी दी गई है, लेकिन आम दर्शकों के लिए जू का प्रवेश शुल्क बढ़ाने का फैसला नहीं किया गया। इसके अलावा मालवा मिल सामुदायिक भवन की आठ दुकानों के विक्रय प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
पानी, कर्मचारियों और अन्य सुविधाओं पर भी चर्चा
गर्मी के मौसम में पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संपवेल पर क्लोरीनेटर सहित आवश्यक उपकरण लगाने पर सहमति बनी। मस्टर श्रमिकों को कलेक्टर द्वारा निर्धारित नई दर के अनुसार पारिश्रमिक देने की मंजूरी दी गई है। कर्मचारी यूनियन की विभिन्न मांगों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में शहर की कई अन्य नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
महापौर परिषद की यह बैठक करीब साढ़े तीन घंटे चली। बैठक में लिए गए फैसलों का मुख्य उद्देश्य शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करना, नागरिकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाना और विभिन्न विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना बताया गया है।










