इंदौर को मिलने जा रहा हरियाली का बड़ा तोहफा: 33 एकड़ में बनेगा विशाल सिटी फॉरेस्ट, लगेंगे 2.5 लाख पेड़; मियावाकी जंगल से लेकर तालाब, वॉकिंग ट्रैक और ओपन जिम तक होंगी कई सुविधाएं

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इंदौर: शहर में बढ़ते कंक्रीट विस्तार और पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के बीच हरियाली बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी योजना सामने आई है। राऊ की स्कीम-97 पार्ट-4 में करीब 33 एकड़ क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित परियोजना में लगभग 2.5 लाख पौधे और पेड़ लगाए जाएंगे। इस क्षेत्र को केवल हरित क्षेत्र के तौर पर विकसित करने के बजाय यहां प्राकृतिक वातावरण के साथ लोगों के घूमने, व्यायाम और मनोरंजन के लिए भी कई सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

33 एकड़ में विकसित होगा हरित क्षेत्र

राऊ क्षेत्र में प्रस्तावित नगर वन परियोजना के लिए एजेंसी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना के तहत करीब 33 एकड़ जमीन को अलग-अलग हिस्सों में विकसित किया जाएगा। योजना को दो चरणों में पूरा करने का प्रस्ताव है, जिसमें पहले चरण में लगभग 13.5 एकड़ और दूसरे चरण में करीब 17 एकड़ क्षेत्र पर विकास कार्य किए जाने की जानकारी सामने आई है। पूरे परिसर को सुरक्षित रखने के लिए लगभग 2.27 किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवाल भी बनाई जाएगी।

मियावाकी तकनीक से तैयार होगा घना जंगल

इस सिटी फॉरेस्ट की खासियत इसका मियावाकी वन क्षेत्र होगा। करीब 8.5 एकड़ जमीन पर मियावाकी तकनीक के जरिए सघन पौधारोपण किया जाएगा, जबकि लगभग 3.5 एकड़ क्षेत्र में सामान्य घना वन विकसित करने की योजना है। परियोजना में करीब 26 प्रकार की पेड़-पौधों की प्रजातियां शामिल की जाएंगी। इनमें नीम, जामुन, आम, आंवला, चिकू, बेल, गोंदी, शहतूत, अर्जुन और सिरस जैसे पेड़ लगाए जाने की योजना है।

तालाब और बारिश के पानी के प्रबंधन पर भी जोर

सिटी फॉरेस्ट को सिर्फ पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। योजना में करीब 3,234 वर्गमीटर क्षेत्र में जलाशय विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके साथ प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था और लगभग 4.5 मीटर चौड़े बायोस्वेल बनाए जाने की योजना है। इसका उद्देश्य बारिश के पानी के बहाव को व्यवस्थित करना और पानी को जमीन में पहुंचाने में मदद करना है। प्राकृतिक नालों की व्यवस्था भी प्रस्तावित परियोजना का हिस्सा होगी।

घूमने और फिटनेस के लिए मिलेंगे कई विकल्प

सिटी फॉरेस्ट में नागरिकों के लिए कई तरह के वॉकिंग और मनोरंजन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। योजना में छह मीटर और 3.5 मीटर चौड़े वॉकिंग ट्रैक के साथ करीब तीन मीटर चौड़ा प्राकृतिक वॉकिंग ट्रेल और साइकिल ट्रैक प्रस्तावित है। इसके अलावा ओपन जिम, योग एवं ध्यान क्षेत्र, बच्चों के लिए प्ले एरिया और वॉचटावर जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। नवग्रह वाटिका और फूड स्टॉल जैसी व्यवस्थाओं को भी योजना में शामिल किया गया है।

हरियाली बढ़ने के साथ पर्यावरण को मिलेगा फायदा

वर्तमान में इंदौर में करीब 17.5 प्रतिशत हरित क्षेत्र होने की जानकारी दी गई है। प्रस्तावित नगर वन के विकसित होने के बाद शहर के हरित क्षेत्र में लगभग एक प्रतिशत तक बढ़ोतरी का अनुमान है। परियोजना में लगाए गए पेड़ों के पूरी तरह विकसित होने के बाद इनसे हर साल करीब 5 से 6 हजार मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने की क्षमता विकसित होने का अनुमान है। इससे वायु गुणवत्ता सुधारने, तापमान को नियंत्रित करने और शहर में प्राकृतिक वातावरण बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

लोगों के साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए भी जगह

सिटी फॉरेस्ट के बाहरी हिस्से में करीब 1.2 एकड़ क्षेत्र में व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। यहां दुकानें और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं रखी जा सकती हैं, ताकि आने वाले लोगों को जरूरी सुविधाएं मिल सकें और मुख्य वन क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना भी बनी रहे। परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन आइडीए की ओर से उपलब्ध कराने की योजना बताई गई है।

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