मध्य प्रदेश में बदलते मौसम के बीच स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इंदौर और उज्जैन में हाल के दिनों में कई मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क रहने और संदिग्ध मरीजों की जांच व उपचार व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
इंदौर में 62 वर्षीय महिला संक्रमित
इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचार करा रही 62 वर्षीय महिला की जांच रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। महिला को बुखार, सर्दी और खांसी जैसी शिकायतों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग अब शहर के अस्पतालों के साथ बैठक कर संक्रमण की स्थिति और जरूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की तैयारी में है।
उज्जैन में भी सामने आए नए मामले
उज्जैन संभाग में भी स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आए हैं। खाचरौद के 66 वर्षीय व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। वहीं उज्जैन शहर के महालक्ष्मी नगर क्षेत्र में रहने वाले 43 वर्षीय व्यक्ति की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। अधिकारियों के अनुसार, मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
अस्पतालों में आइसोलेशन की व्यवस्था
स्वाइन फ्लू के मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर उपचार देने के लिए उज्जैन के चरक अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि समय रहते संक्रमण की पहचान हो सके। स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों से मरीजों की जानकारी लेकर स्थिति की निगरानी भी कर रहा है।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू में सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। तेज बुखार या ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में परेशानी, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अत्यधिक थकान और नाक बहना या बंद होना इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं। यदि बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी बढ़ रही हो या तबीयत लगातार बिगड़ रही हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार उम्रदराज लोगों तथा डायबिटीज, किडनी संबंधी बीमारी या कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में वायरल संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे लोगों को बदलते मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आराम करना और संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग की नजर, घबराने की जरूरत नहीं
इंदौर और उज्जैन में नए मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू का उपचार संभव है और समय पर पहचान होने पर मरीज को उचित इलाज दिया जा सकता है। इसलिए लक्षणों को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरतना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय जांच कराना अधिक महत्वपूर्ण है।










