भोपाल के कमलानगर थाने से वाहन चोरी का आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार, 4 पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच; रोजनामचा एंट्री को लेकर भी उठे सवाल

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भोपाल के कमलानगर थाना परिसर से वाहन चोरी के एक आरोपी के पुलिस की निगरानी से निकलकर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद थाने में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी की निगरानी में कहां लापरवाही हुई और घटना के बाद पुलिस ने तय प्रक्रिया का पालन किया या नहीं।

पूछताछ के लिए थाने लाया गया था आरोपी

पुलिस के अनुसार कोटरा सुल्तानाबाद क्षेत्र निवासी अभय राजपूत को वाहन चोरी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए कमलानगर थाने लाया गया था। रात के समय उसे हवालात में रखा गया था। कुछ समय बाद आरोपी ने हंगामा करना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिसकर्मी उसे हवालात से बाहर निकालकर मुंशी कक्ष की ओर ले गए। इसी दौरान निगरानी का फायदा उठाकर वह थाने से बाहर निकल गया।

पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

आरोपी के थाने से निकल जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि हिरासत में रखा गया व्यक्ति बिना अनुमति परिसर से बाहर न जा सके। विभागीय जांच में इसी पहलू को प्रमुखता से देखा जा रहा है कि आरोपी को हवालात से बाहर लाने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया और उस समय उसकी निगरानी किस तरह की जा रही थी।

रोजनामचा में कार्रवाई दर्ज करने को लेकर जांच

मामले में रोजनामचा यानी थाने के दैनिक रिकॉर्ड में घटना की एंट्री को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि आरोपी के फरार होने की सूचना कब दी गई, घटना से संबंधित कार्रवाई कब दर्ज की गई और दोबारा पकड़े जाने तक पुलिस ने कौन-कौन से कदम उठाए। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद घटना में जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

चार पुलिसकर्मियों की भूमिका की होगी समीक्षा

घटना के समय रात की ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मियों को विभागीय जांच के दायरे में लिया गया है। जांच में उनकी ड्यूटी, आरोपी की निगरानी, घटना की सूचना देने और बाद की कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने थानों में हिरासत में रखे आरोपियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है।

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