भोपाल में दुकानों की सीलिंग को लेकर व्यापारियों का बड़ा ऐलान, 60 हजार प्रतिष्ठानों पर मंडराया संकट; 15 सितंबर तक हल नहीं निकला तो अनिश्चितकालीन बाजार बंद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों में संचालित दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे पर शहर के 100 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने एकजुट होकर सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि यदि 15 सितंबर तक समस्या का व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला गया, तो भोपाल में अनिश्चितकालीन बाजार बंद करने का फैसला लिया जा सकता है।

100 से अधिक व्यापारिक संगठनों ने जताया विरोध

सीलिंग कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में व्यापारी बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शहर के अलग-अलग बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। व्यापारियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने रामधुन और भजन गाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन दोपहर करीब एक बजे तक चला।

60 हजार से ज्यादा दुकानों पर असर की आशंका

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई बढ़ने से शहर के व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। उनका दावा है कि यदि सीलिंग की कार्रवाई जारी रहती है तो भोपाल में करीब 60 हजार से अधिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं। व्यापारियों के अनुसार इससे इन कारोबारों से जुड़े करीब छह लाख लोगों की आजीविका पर भी सीधा असर पड़ने की आशंका है।

मिक्स्ड लैंड यूज और मास्टर प्लान पर स्पष्ट नीति की मांग

व्यापारियों की प्रमुख मांग है कि सरकार मिश्रित भूमि उपयोग यानी ‘मिक्स्ड लैंड यूज’ को लेकर स्पष्ट नियम बनाए और नए मास्टर प्लान को जल्द लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि मास्टर प्लान में हो रही देरी के कारण दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के सामने अनिश्चितता बनी हुई है। उनका आग्रह है कि जब तक स्थायी नीति या वैकल्पिक व्यवस्था तैयार नहीं होती, तब तक सीलिंग और नए नोटिस की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।

15 सितंबर के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी

व्यापारियों के मुताबिक 15 सितंबर को राज्य सरकार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष और शपथ-पत्र प्रस्तुत करना है। इसी वजह से व्यापारी चाहते हैं कि उससे पहले सरकार उनकी समस्या पर स्पष्ट निर्णय ले। व्यापारिक संगठनों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय भी मांगा है। उनका कहना है कि यदि तय समय तक राहत नहीं मिलती है तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और भोपाल के बाजार अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जा सकते हैं।

फिलहाल व्यापारियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। यदि सरकार सीलिंग कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर कोई व्यावहारिक समाधान निकालती है तो स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर राजधानी में व्यापारिक गतिविधियों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Leave a Comment

और पढ़ें