भोपाल में 74 लाख के सड़क सुधार पर उठे सवाल, रिकॉर्ड में 600 मीटर काम पूरा लेकिन मौके पर दिखा काफी कम हिस्सा

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भोपाल। राजधानी भोपाल में दुर्घटना संभावित क्षेत्र यानी ब्लैक स्पॉट को सुरक्षित बनाने के लिए किए गए सड़क सुधार कार्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यापम चौराहे से नूतन कॉलेज के बीच सड़क सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के लिए करीब 74.40 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। विभागीय रिकॉर्ड में करीब 600 मीटर डिवाइडर का काम पूरा होने की जानकारी दर्ज है, जबकि मौके की स्थिति में इसका काफी कम हिस्सा दिखाई देने की बात सामने आई है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता, वास्तविक प्रगति और भुगतान प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

74 लाख की योजना, लेकिन ब्लैक स्पॉट की समस्या कायम

इस सड़क मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से डिवाइडर सहित कई सुधार कार्य प्रस्तावित किए गए थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक काम की स्वीकृति अगस्त 2025 में हुई और फरवरी 2026 में वर्क ऑर्डर जारी किया गया। विभागीय दस्तावेजों में करीब 0.60 किलोमीटर कार्य की भौतिक प्रगति 100 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, मौके पर पड़ताल के दौरान डिवाइडर का निर्माण अपेक्षाकृत छोटे हिस्से में ही दिखाई देने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल यह है कि प्रस्तावित सड़क सुरक्षा कार्य का कितना हिस्सा वास्तव में जमीन पर पूरा हुआ।

कुछ हिस्सों में बना डिवाइडर बाद में हटाया गया

काम के दौरान व्यापम चौराहे से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यालय की तरफ भी डिवाइडर बनाया गया था। बाद में इस हिस्से के डिवाइडर को हटाकर सड़क को फिर से समतल किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि निर्माण को बाद में बदलना या हटाना पड़ा, तो योजना बनाते समय स्थल की स्थिति और यातायात व्यवस्था का पर्याप्त आकलन क्यों नहीं किया गया। विभाग की ओर से संबंधित हिस्सों में दोबारा सर्वे कराने की बात कही गई है।

विभाग ने दोबारा सर्वे कराने की बात कही

पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता के अनुसार ठेकेदार को किए गए कार्य के आधार पर ही भुगतान किया गया है। यूएडीडी कार्यालय और विधायक कार्यालय के सामने कुछ व्यावहारिक समस्याएं सामने आने के कारण इन हिस्सों का दोबारा सर्वे कराया जाएगा। अब नए सर्वे के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि स्वीकृत योजना के तहत कितना काम हुआ, किन हिस्सों में बदलाव की जरूरत है और ब्लैक स्पॉट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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