इंदौर नगर निगम मुख्यालय के आसपास ही अतिक्रमण का जाल: फुटपाथ पर दुकानें, सड़क बनी वाहनों की पार्किंग

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कार्रवाई के दावों के बीच निगम कार्यालय के पास बिगड़ी व्यवस्था, पैदल चलने वालों के लिए नहीं बची जगह

इंदौर। शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चलाने वाला नगर निगम अपने ही मुख्यालय के आसपास फैले कब्जों को लेकर सवालों के घेरे में है। नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर कई स्थानों पर फुटपाथों का उपयोग दुकानों के विस्तार के लिए किया जा रहा है, जबकि ग्राहकों के वाहन सड़कों पर खड़े होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।

चिकमंगलूर चौराहा और आसपास के बाजार क्षेत्रों में स्थिति ऐसी है कि पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए फुटपाथों पर खाद्य सामग्री की दुकानें, टेबल-कुर्सियां और अन्य सामान नजर आता है। मजबूरी में लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है। वहीं दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़क किनारे खड़े रहने से दिनभर जाम जैसी स्थिति बनती है।

फुटपाथ पर दुकानें और बाजारों में बढ़ता कब्जा

नगर निगम मुख्यालय से जुड़े बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से बनी हुई बताई जा रही है। चिकमंगलूर चौराहे पर कई दुकानदारों ने फुटपाथ तक अपना कारोबार फैला लिया है। कहीं खाद्य सामग्री तैयार की जा रही है तो कहीं ग्राहकों के बैठने के लिए टेबल और कुर्सियां लगा दी गई हैं।

जेल रोड और उससे जुड़ी गलियों में भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं। कई दुकानों का सामान निर्धारित सीमा से आगे तक रखा जाता है, जिससे गलियों और सड़कों पर पैदल आवाजाही मुश्किल हो जाती है। कुछ स्थानों पर अस्थायी और स्थायी निर्माण भी सामने आए हैं।

अवैध निर्माण पर निगम की कार्रवाई

इधर नगर निगम ने शहर में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी रखी है। मंगलवार को सुभाष मार्ग स्थित एक शोरूम की कथित रूप से अनुमति से अतिरिक्त बनाई गई दो मंजिलों को हटाया गया। बताया गया कि भवन स्वामी को पहले नोटिस देकर अवैध हिस्से हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन निर्धारित कार्रवाई नहीं होने पर निगम का अमला मौके पर पहुंचा।

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण स्वीकृत नक्शे और अनुमति की शर्तों के विपरीत किया गया था।

कार्रवाई के बाद फिर लौट रहा अतिक्रमण

रानीपुरा क्षेत्र में भी नगर निगम द्वारा लगातार अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि कार्रवाई के बाद कई स्थानों पर दुकानदारों द्वारा दोबारा कब्जा करने की शिकायतें सामने आती रही हैं। मंगलवार को भी निगम अमले ने क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई की और सड़क व सार्वजनिक स्थानों पर रखी सामग्री हटाई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम मुख्यालय के आसपास ही फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे की स्थिति बनी हुई है, तो शहर के अन्य हिस्सों में अतिक्रमण मुक्त व्यवस्था कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल अस्थायी कार्रवाई के बजाय नियमित निगरानी और सख्त व्यवस्था की जरूरत है।

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