भोपाल में हैरान करने वाली साइबर ठगी: न कॉल आया, न मैसेज और न ही क्लिक किया कोई लिंक, फिर रिटायर्ड महिला कर्मचारी के खाते से गायब हो गए 21 लाख रुपये

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बिना किसी संदिग्ध संपर्क के सामने आया बड़ा साइबर फ्रॉड

भोपाल में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त एक महिला कर्मचारी के बैंक खाते से करीब 21 लाख रुपये निकल जाने की शिकायत दर्ज कराई गई है। सबसे हैरानी की बात यह है कि पीड़िता के अनुसार ठगी से पहले उनके पास न तो किसी अज्ञात व्यक्ति का संदिग्ध फोन आया, न कोई संदिग्ध मैसेज मिला और न ही उन्होंने किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया।

अशोकागार्डन थाना क्षेत्र के सम्राट कॉलोनी में रहने वाली गीता चौरसिया पहले सांची में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार मई महीने के दौरान उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से बड़ी रकम निकाली गई। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी जांची तो उन्हें पता चला कि खाते से कुल 21 लाख रुपये गायब हो चुके हैं।

यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए निकली रकम, पुलिस कर रही जांच

खाते से इतनी बड़ी राशि निकलने की जानकारी मिलने के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की। शिकायत के आधार पर अशोकागार्डन पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खाते से जुड़े रिकॉर्ड और यूपीआई लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है।

जांच अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और साइबर अपराधियों ने बिना किसी स्पष्ट कॉल, मैसेज या लिंक के संपर्क के खाते तक पहुंच कैसे बनाई। पुलिस संबंधित बैंकिंग और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल बैंकिंग और यूपीआई सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से 21 लाख रुपये किस तरीके से निकाले गए और इस साइबर ठगी के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें