सागर में जहरीली शराब से मौतों पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने MP सरकार पर साधा निशाना; प्रशासन ने गांव-गांव स्क्रीनिंग के दिए निर्देश

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मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर मोहन यादव सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के प्रभावित परिवारों से मुलाकात से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग घटनाओं के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है। उनके बयान के मुताबिक दूषित पानी, मिलावटी दवाओं या सिरप और अवैध शराब जैसी घटनाओं को लेकर सरकार को ज्यादा सख्त और जवाबदेह व्यवस्था बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसी घटना के बाद छोटे स्तर के कर्मचारियों या अधिकारियों पर कार्रवाई करके मामले को समाप्त करने की कोशिश की जाती है, जबकि बड़े स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।

सागर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

जहरीली और अमानक शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व और ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े मैदानी अमले को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा अवैध शराब के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम करने की बात कही है।

गांव-गांव होगी स्वास्थ्य जांच

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में संदिग्ध लक्षण वाले लोगों की पहचान के लिए गांव-गांव स्वास्थ्य स्क्रीनिंग कराने की तैयारी की गई है। जहरीली या अमानक शराब के सेवन से जुड़ी परेशानी के संभावित मामलों को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।

घटना के बाद जांच और कार्रवाई पर नजर

सागर जिले की घटना के बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग दोनों स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है। एक तरफ अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर संभावित प्रभावित लोगों की पहचान और उपचार व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब प्रशासन की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर नजर बनी हुई है।

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