दिल्ली में वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया को मिला अतिरिक्त समय: SIR की नई समयसीमा जारी, 27 अक्टूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

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निर्वाचन आयोग ने जारी किया संशोधित कार्यक्रम

दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की समयसीमा बढ़ा दी गई है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी नए कार्यक्रम के अनुसार अब घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन 17 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 24 अगस्त को प्रारंभिक (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित होगी। इस सूची पर नागरिक 24 अगस्त से 23 सितंबर तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

आधे से अधिक मतदाताओं के फॉर्म हो चुके हैं डिजिटाइज

निर्वाचन आयोग के अनुसार 29 जुलाई तक विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत 75 लाख से अधिक गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) का डिजिटलीकरण पूरा किया जा चुका है। यह दिल्ली के कुल पंजीकृत मतदाताओं का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, लगभग सभी पात्र मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं, जिससे सत्यापन प्रक्रिया अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।

कई जिलों में तेजी से आगे बढ़ा सत्यापन अभियान

आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के विभिन्न जिलों में मतदाता सत्यापन और फॉर्म अपलोड का काम अलग-अलग गति से चल रहा है। आउटर नॉर्थ जिला इस प्रक्रिया में सबसे आगे है, जबकि दक्षिण-पूर्व जिले में अब तक सबसे कम प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हुआ है। हालांकि अधिकांश जिलों में फॉर्म वितरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अधिकारी अब सत्यापन तथा डेटा अपडेट करने पर ध्यान दे रहे हैं।

दावे और आपत्तियों के बाद तैयार होगी अंतिम सूची

निर्वाचन आयोग का कहना है कि प्रारंभिक सूची जारी होने के बाद नागरिक अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में किसी भी त्रुटि को सुधारने के लिए निर्धारित अवधि में आवेदन कर सकेंगे। सभी आवेदनों की जांच और आवश्यक संशोधन के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। आयोग का उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।

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