55 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा यूनिफॉर्म का पैसा
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8वीं तक पढ़ने वाले करीब 55 लाख विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अब बच्चों को तैयार गणवेश देने के बजाय उनके बैंक खातों में करीब 600 रुपये की राशि भेजने की तैयारी है। इस फैसले से अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों के लिए यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकेंगे।
टेंडर प्रक्रिया में विवाद के बाद बदला फैसला
सरकार ने इस सत्र में पहले केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत यूनिफॉर्म खरीदकर विद्यार्थियों तक पहुंचाने की योजना बनाई थी। इसके लिए मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम की यूनिट के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया और मामला हाई कोर्ट तक पहुंचने के बाद यूनिफॉर्म की खरीद पर अंतरिम रोक लग गई। समय बीतने के बावजूद स्कूलों में गणवेश नहीं पहुंच पाने को देखते हुए सरकार अब पिछली व्यवस्था की ओर लौटने की तैयारी कर रही है।
विद्यार्थियों के बैंक खातों को अपडेट करने के निर्देश
सरकार की ओर से जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किए जाने की संभावना है। विभाग ने सभी जिलों को विद्यार्थियों के बैंक खातों की जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राशि ट्रांसफर करने में परेशानी न हो। शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग पांच महीने हो चुके हैं, लेकिन कई सरकारी स्कूलों में यूनिफॉर्म उपलब्ध नहीं हो सकी है। ऐसे में कई विद्यार्थी अलग-अलग रंग और डिजाइन के कपड़ों में स्कूल पहुंच रहे हैं।
दो जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए करीब ₹600 की राशि
सरकारी व्यवस्था के अनुसार पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके लिए प्रति विद्यार्थी लगभग 600 रुपये खर्च किए जाते हैं। करीब 55 लाख बच्चों के हिसाब से सरकार का सालाना खर्च लगभग 350 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। पिछले सत्र में भी विद्यार्थियों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म की राशि भेजी गई थी। अब मौजूदा सत्र में टेंडर विवाद के बाद एक बार फिर सीधे खाते में राशि देने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।










